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ठनका से बचाएगा 'लॉकेट नीतीश'; कितनी कीमत, कितना सुरक्षित, कैसे करेगा काम? पेटेंट की हो रही तैयारी

अभी नीतीश पेंडेंट में लगाये जाने पुर्जों में एक को आयातित करना पड़ रहा है। इस कारण पेंडेंट की लागत करीब 1000 रुपये आ रही है। प्रयास यह है कि आयातित पुर्जे को आईआईटी पटना में ही डिजाइन किया जाए।

ठनका से बचाएगा 'लॉकेट नीतीश'; कितनी कीमत, कितना सुरक्षित, कैसे करेगा काम?  पेटेंट की हो रही तैयारी
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाSat, 03 Feb 2024 02:42 PM
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खराब मौसम में बिहार में हर साल हजारों लोगों की जान चली जाती है। खासकर बरसात में ठनका की चपेट में आकर किसान, मजदूर और गरीब तबके के लोगों की मौत होती है। इससे बचाव के लिए सरकार और आईआईटी पटना  मिलकर गले में पहनने वाला सुरक्षा लॉकेट तैयार किया जिसे लॉकेट नीतीश नाम दिया गया है। अब आपदा से बिहारवासियों को बचाने के लिए विकसित इस जीवन सुरक्षा लॉकेट नीतीश का पेटेंट कराया जाएगा। जल्द ही इसके लिए आवेदन किए जाएंगे। इसकी जानकारी आईआईटी पटना कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव मिश्रा ने दी।

उन्होंने बताया कि नीतीश पेंडेंट (लॉकेट) का पेटेंट प्राधिकरण एवं आईआईटी पटना के संयुक्त नाम से कराया जाएगा। आईआईटी पटना अपनी प्रयोगशाला में इस उपकरण के एक लाख पीस बनाएगा। पहले चरण में प्राधिकरण की ओर से दस हजार लॉकेट(पेंडेंट) का आर्डर प्राधिकरण की तरफ से आया है। इसके लिए प्राधिकरण और आईआईटी के बीच एमओयू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि अभी नीतीश पेंडेंट में लगाये जाने पुर्जों में एक को आयातित करना पड़ रहा है। इस कारण पेंडेंट की लागत करीब 1000 रुपये आ रही है। प्रयास यह है कि आयातित पुर्जे को आईआईटी पटना में ही डिजाइन कर लिया जाए। ऐसा होने से लॉकेट की कीमत 20 फीसदी कम हो जाएगी। प्रो. राजीव मिश्रा, डॉ. अरजीत राय और आकाश की टीम ने नीत, तीव्र, एवं शक्तिशाली सुरक्षा कवच का निर्माण किया। इसी का पेंटेंट कराया जाएगा। इसका आकार 47 मिमी गुणा 48 मिमी गुणा 16 मिमी है। वजन सिर्फ 43 ग्राम है।

सौ फीसदी सुरक्षित व शक्तिशाली है लॉकेट

उन्होंने दावा कि नतीत तीव्र शक्तिशाली (नीतीश) लॉकेट इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस 100 फीसदी सुरक्षित है। इसका अंग्रेजी नाम है - नॉवेल एंड इनोवेटिव टेक्नोलॉजिकल इंटरवेनशन फॉर सेफ्टी ऑफ ह्यूमन लाइव्स। बिहार मौसम सेवा केन्द्र के सहयोग से नीतीश पेंडेंट वज्रपात ही नहीं, बाढ़, अत्यधिक गर्मी यानी लू और शीतलहरी जैसी अनेक आपदाओं से पहले, ससमय, पूर्व चेतावनी दे सकेगा।

पेंडेंट कैसे करेगा काम

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कान्त बताते हैं कि नीतीश पेंडेंट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह शरीर की ऊर्जा और गर्माहट से ही रिचार्ज होता रहता है। लोग गले में पहनेंगे। यह वाटरप्रूफ है। किसान, मजदूर, अनपढ़, दिव्यांग, बच्चे, महिला, बुजुर्ग आदि को ध्यान में रखकर बनाया गया है। वज्रपात की चेतावनी के समय इससे वॉयस मैसेज सुनाई देगा। यह वाइब्रेट भी करेगा। इसका रंग हरे से लाल हो जाएगा। स्वीच ऑफ होने तक यह बजता रहेगा।

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