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Hindi News बिहारबदलेगा लोन देने का नियम, 15 दिनों में खाते में होगी राशि; वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बैंकों को दिए ये निर्देश

बदलेगा लोन देने का नियम, 15 दिनों में खाते में होगी राशि; वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बैंकों को दिए ये निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने बैंकों को साख-जमा अनुपात 58.71 में वृद्धि का निर्देश दिया। कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहार के बैंकों में जमा राशि की तुलना में ऋण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

बदलेगा लोन देने का नियम, 15 दिनों में खाते में होगी राशि; वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बैंकों को दिए ये निर्देश
samrat choudhary
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,पटनाSat, 15 Jun 2024 05:45 AM
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आम लोगों को बैंकों से लोन लेने में अब सहूलियत होगी। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बैंक प्रबंधन को बिहार के बैंकों में सिंगल विंडो के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, ऋण के भुगतान को लेकर समय सीमा भी निर्धारित करने को कहा है। बैंक तय करें कि 15 दिनों में ऋण उपलब्ध करा दिया जाए, जिससे जरूरतमंदों को परेशानी न हो। उन्होंने बैंकों को ऋण देने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्देश दिया। श्री चौधरी  स्थानीय होटल में आयोजित राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 88वीं एवं 89वीं (संयुक्त) बैठक को संबोधित के दौरान बैंकों से आम जनों को सहुलियत देने की अपील की।

उपमुख्यमंत्री ने बैंकों को साख-जमा अनुपात 58.71 में वृद्धि का निर्देश दिया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहार के बैंकों में जमा राशि की तुलना में ऋण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने बड़े बैंकों से आग्रह किया कि वे सीडी रेसियो बढ़ाने में अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य में बैंकों का एनपीए 11.5 फीसदी से घटकर 7.54 फीसदी हो गया है। यह अच्छा संकेत है। उन्होंने बिहार के काउ बेल्ट वाले राज्य में होने के बाद दूध उत्पादन में गुजरात से पीछे रहने पर नाराजगी जतायी। साथ ही, मछली उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल होने पर जोर दिया। श्री चौधरी ने कहा जिन मुद्दों पर बैठक में विमर्श हुआ है, उसका फलाफल तीन माह बाद होने वाली आगामी बैठक में दिखना चाहिए।

बिहार का विकास कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन, एमएसएमई, उद्योग, रोजगार क्षेत्र के माध्यम से ही होगा। उन्होंने इन क्षेत्रों में पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने और रोजगार के नये अवसर पैदा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंकों के साथ बिहार सहित देश की सरकार है। उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

बैठक में वन, पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने जिला एवं प्रखंड स्तर पर बैंकों के साथ बैठक किए जाने पर जोर दिया। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने स्वरोजगार के लिए 4561 आवेदनों में मात्र 1417 को ही बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने पर नाराजगी जतायी। उन्होंने शेष 2862 प्रशिक्षित आवेदकों को भी ऋण देकर स्वरोजगार शुरू कराने को कहा। वहीं, उन्होंने गरीबों के लिए घर बनाने में भी बैंकों से सहायता मांगी।

पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु कुमारी ने कहा कि बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, वह भी बिना बैंकों के विशेष सहयोग के ही। बैंक सहयोग करे तो पशुपालन एवं मत्स्य उत्पादन में बिहार बड़ा निर्यातक हो सकता है। वहीं, स्वास्थ्य एवं कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने बैंकों की कार्यपद्धति पर सख्त नाराजगी जतायी और कहा कि राज्य का सीडीआर 57.5 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर सीडीआर 86.57 प्रतिशत है। प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत भी सीडीआर बढ़ता है तो अगले दस साल में हम राष्ट्रीय औसत तक पहुंचेंगे। उन्होंने कृषि क्षेत्र में ऋण उपलब्ध कराने, केसीसी की संख्या बढ़ाने पर बल दिया। बैठक में नगर विकास मंत्री नितिन नवीन ने फुटपाथी वेंडरो को ऋण उपलब्ध कराने और शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद करने की आवश्यकता जतायी।


बिहार का साख-जमा अनुपात

वर्ष जमा साख सीडी अनुपात

(करोड़ रुपये) (करोड़ रुपये) (प्रतिशत में)

2019-20 371783 159987 43.03

2020-21 396471 183973 46.40

2021-22 431417 228480 52.96

2022-23 466583 259633 55.64

2023-24 510646 299796 58.50

बैंक को उद्यमियों के पास जाना होगा 

रिजर्व बैंक, बिहार-झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने कहा कि समय आ गया है कि ऋण देने के लिए बैंक को उद्यमियों के पास जाना होगा। उन्होंने राज्य के साख-जमा अनुपात को लेकर चिंता जताई और कहा कि इसे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने प्राथमिक क्षेत्र की तुलना में गैर प्राथमिक क्षेत्र को अधिक लोन देने पर सवाल उठाया और कहा कि बिहार में कृषि क्षेत्र के लिए ऋण सुविधा को लेकर बैंक को गंभीर होना चाहिए। कृषि एवं सहायक क्षेत्रों के विकास से राज्य के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।