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जेल से निकलने के बाद शराब कारोबारियों की पत्नी को मिलेगी आर्थिक सहायता, जानें क्या है नीतीश सरकार प्लान

बांका हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Sun, 05 Dec 2021 03:59 PM
जेल से निकलने के बाद शराब कारोबारियों की पत्नी को मिलेगी आर्थिक सहायता, जानें क्या है नीतीश सरकार प्लान

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अब जेल से बेल पर बाहर आये देसी शराब कारोबारियों की पत्नी भी अपने परिवार की जिंदगी की गाड़ी खींचेंगी। इसमें वैसे अत्यंत गरीब परिवार शामिल हैं, जिनका पारंपरिक पेशा देसी शराब  निर्माण व उसका कारोबार एवं ताड़ी चुलाना और बेचना रहा हो। जो शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी अपने परिवार की परवरिश के लिए इस धंधे से जुड़े रहे और पकड़े जाने के बाद जेल भी जा चुके हैं।

जिला प्रसाशन ने बेल पर जेल से निकले ऐसे 264 लोगों की सूची जारी की है। जिनकी पत्नी को जीविका के जरिये सतत जीवकोपार्जन योजना से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जायेगा। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए जीविका की ओर से जेल से निकले देसी शराब कारोबारियों की पत्नियों को ग्राम संगठन से जोड़ा जा रहा है।

महिलाओं से लिया जा रहा स्वरोजगार का माइक्रोप्लान

जिला प्रशासन की ओर से जीविका को जेल से बेल पर निकले अत्यंत गरीब देसी शराब कारोबारियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। जिसके आधार पर जीविका द्वारा ऐसे कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी पत्नियों को ग्राम संगठन से जोड़ा जा रहा है। वही, ग्राम संगठन का हिस्सा बनी इन महिलाओं से स्वरोजगार के माइक्रो प्लान भी लिये जा रहे हैं। जिससे उनके मुताबिक तय किये गए स्वरोजगार को शुरू कराया जा सके। जिले में ग्राम संगठन से जुड़ी देसी शराब कारोबारियों की पत्नियों को स्वरोजगार शुरू करने की प्रक्रिया को जीविका की ओर से फाइनल टच दिया जा रहा है। इसके लिए अब तक 80 ग्राम संगठनों को राशि भी भेजी जा चुकी है। 

जेल से निकलने के बाद भी इनके और इनके परिवार पर देसी शराब कारोबारी का ठप्पा लगा है। लेकिन जिला प्रसाशन की पहल पर जीविका की ओर से इनकी पत्नियों को स्वरोजगार से जोड़े जाने की मुहिम से समाज मे नई क्रांति आएगी। जिससे शराबबंदी कानून को भी मजबूती मिलेगी। वहीं , देसी शराब के पारंपरिक कारोबार को छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़कर स्वरोजगार करने से समाज मे इनकी पहचान बदलने के साथ ही इनका आत्म सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला प्रशासन की ओर से बेल पर जेल से निकले 264 अत्यंत गरीब देसी शराब कारोबारियों की सूची दी गई है। जिसके आधार पर इनकी पत्नियों को सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। जिससे देसी शराब कारोबार से तौबा कर वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर जीवन मे आगे बढ़ सकें।
- प्रशांत कुमार, नोडल पदाधिकारी, सतत जीविकोपार्जन योजना, जीविका   

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