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पटना: ट्रक में रखे चावल के बोरे के नीचे मिली शराब, गैरेज को बना दिया था शराब का गोदाम 

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Mon, 14 Jun 2021 04:56 PM
पटना: ट्रक में रखे चावल के बोरे के नीचे मिली शराब, गैरेज को बना दिया था शराब का गोदाम 

ट्रक में रखे चावल के बोरे के नीचे से पुलिस ने शराब की बड़ी खेप बरामद की है। बाइपास थाना इलाके के रानीपुर चकिया गांव में रविवार की अहले सुबह एक फाइनेंस कंपनी के गैराज में शराब उतारकर रखी जा रही थी। उसी वक्त बाइपास थाने की पुलिस और मद्य निषेध इकाई को खबर मिली। थानेदार संजीत कुमार सिन्हा व मद्य निषेध इकाई के पुलिसकर्मियों द्वारा की गयी छापेमारी के दौरान मौके से उमाशंकर सिंह नामक एक व्यक्ति को पकड़ा गया। 263 कार्टन में पांच हजार लीटर से अधिक शराब पुलिस ने जब्त की। शराब तस्कर के पास से दो मोबाइल भी मिले हैं। बरामद शराब प्रथम दृष्टया नकली प्रतीत हो रही है। पुलिस उसकी जांच करने में जुटी है। इस मामले में शशि कुमार, बमबम और गुड्डु यादव समेत अन्य की तलाश भी पुलिस कर रही है।

शराब धंधेबाजों की तलाश में छापेमारी 
दीघा थाना की पुलिस ने रविवार को एग्जीविशन रोड स्थित कई मोहल्लों में छापेमारी की। दरअसल, शनिवार को जेपी सेतु के पास से प्रेस लिखे क्रेटा कार से 326 बोतल विदेशी शराब बरामद की थी। इसके साथ ही पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांचों से पूछताछ की थी कि शराब कहां डिलिवरी करने जा रहा था। पूछताछ के बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जो आरोपित फरार है, वह एक बड़ा शराब तस्कर है। दीघा थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही फरार धंधेबाज पकड़ा जाएगा। 

बरामद शराब पर बैच नंबर तक नहीं
जिस शराब को पुलिस ने छापेमारी कर बरामद किया है उस पर बैच नंबर तक नहीं लिखा है। यह भी नहीं लिखा है कि शराब को किस राज्य में बेचा जाता है और उसे बनाया कहां गया है। लिहाजा प्रथम दृष्टया बरामद शराब नकली प्रतीत हो रही है। पकड़े गये व्यक्ति से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे गैंग का नाम सामने आ सके। 

संदिग्ध ट्रकों की चेकिंग करती है पुलिस
बाइपास थाने की पुलिस अपने इलाके में पार्क होने वाले संदिग्ध ट्रकों और मालवाहक वाहनों पर नजर रख रही है। गोडाउन और आसपास के इलाके में देर रात से लेकर अहले सुबह तक सादे लिबास में पुलिसकर्मियों को लगाया गया है ताकि शराब माफियाओं पर नजर रखी जा सके। ज्यादातर इसी समय शराब माफिया सक्रिय रहते हैं। 

गैरेज को बना दिया था शराब का गोदाम 
पुलिस गिरफ्त में आये उमाशंकर सिंह ने एक जमीन को लीज पर लिया था। वहां एक निजी फाइनेंस कंपनी द्वारा जब्त की गयी गाड़ियों को पार्क किया जाता है। उसी गैरेज को उमाशंकर ने शराब का गोदाम बना दिया था ताकि पुलिस को शक न हो। शराब माफिया उमाशंकर के पास से बरामद दो मोबाइल पुलिस के लिये तुरूप का पत्ता साबित हो सकता है।

शराब माफियाओं के खिलाफ पटना पुलिस लगातार अभियान चला रही है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बाइपास थाना इलाके में छापेमारी की है। शराब   माफियाओं के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
-उपेंद्र शर्मा, एसएसपी, पटना 

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