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29 फरवरी, 2020|6:19|IST

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VIDEO- पूर्वजों से मिली योग की विरासत का विकास होता रहे : राज्यपाल

पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में शुक्रवार को भव्य आयोजन किया गया। स्वास्थ्य व कला संस्कृति युवा विभाग द्वारा आयोजित समारोह का उद्घाटन राज्यपाल लालजी टंडन ने किया। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के साथ इस मौके पर भाजपा-जदयू के कई नेताओं तथा सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने योग किया। पहली बार योग दिवस के आयोजन में जदयू के नेता शामिल हुए। 

राज्यपाल ने कहा कि भारत जो विश्व गुरु कहलाता है, उसकी पहली शिक्षा योग से शुरू होती है। बीच में इसका क्षरण हुआ। विदेशों से आए लोग योग नहीं योगा करने लगे। भारतीयों ने अपनी इस अमूल्य विधा को दुनियाभर में फैलाया। आज भारत फिर विश्वगुरु का स्थान लेने के लिए नई करवट ले रहा है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। उन्होंने योग को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलायी है। योग से प्रकृति व व्यक्ति का रिश्ता ताजा होता है। कहा कि लोग चिंतित हैं, मौसम बदल रहा है। उससे तरह-तरह की व्याधियां हो रही हैं। पर अब नया सूर्योदय हो रहा है। योग के प्रति जागरूकता फैल रही है। राज्यपाल ने अपील की कि पुर्वजों से मिली योग की सौगात का विकास होता रहे।   

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योग, आयुर्वेद और शल्य क्रिया भारत की देन है। दुनिया को तक्षशिला के रूप में पहला विश्वविद्यालय भी भारत ने ही दिया। आइंस्टीन ने कहा था कि भारत ने शून्य का आविष्कार नहीं किया होता तो दुनिया में शोध कार्य नहीं होते। कहा कि योग केवल फिटनेस का मंत्र नहीं, योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के विकास का मंत्र है। उन्होंने अपील की कि योग एक दिन की चीज नहीं इसे अपने जीवन में अपनाएं। सप्ताह में तीन-चार दिन अवश्य योग करें। 

समारोह को मंत्री प्रमोद कुमार और मंगल पांडेय ने भी संबोधित किया। डॉ. प्रेम कुमार, श्रवण कुमार, महेश्वर हजारी, लक्ष्मेश्वर राय, रामसेवक सिंह, कृष्ण कुमार ऋषि, विधायक संजीव चौरसिया, नितिन नवीन, अरुण सिन्हा, जदयू नेता सीपी सिन्हा, कमल नोपानी, भाजपा के पंकज सिंह, राजीव रंजन आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Legacy of yoga inherited from ancestors continues to grow