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27 नवंबर, 2020|8:49|IST

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बिहार: तल्ख टिप्पणियों, निजी हमलों से तनाव भरा रहा विधनसभा सत्र का अंतिम दिन

tejashwi yadav and nitish kumar

बाहर भले ही ठंड थी, लेकिन नवगठित 17वीं बिहार विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन सदन के अंदर का माहौल सत्तापक्ष और विपक्ष के तीखे तकरारों की वजह से बेहद गर्म रहा। खासतौर से सेंट्रल हॉल में चली बिहार विधानसभा की दोनों सत्रों को मिलाकर तीन घंटे बीस मिनट की पूरी कार्यवाही हो-हल्ला, हंगामा और दोनों पक्षों के भारी तेवरों के बीच संचालित हुई। तल्ख टिप्पणियों, निजी हमलों और गर्मा-गरम बहस को लेकर कई बार माहौल तनावभरा हो गया। 

आलम यह था कि राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद के दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। सदन की मर्यादा की दुहाई देनी पड़ी। नए सदस्यों के सामने कैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है, इसकी याद पुराने सदस्यों को दिलानी पड़ी। एक बार तो विपक्ष को ऑर्डर में लाने के लिए सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को भी अपने लहजे में तल्खी बरतनी पड़ी। उन्होंने राजद विधायक ललित यादव को कहा कि बार-बार आसन को अंगुली मत दिखाइए। जोर-जबरदस्ती से आसन को आप प्रभावित नहीं कर सकते हैं। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं। आप बैठ जाएं ललित जी। इसके बाद ललित यादव बैठ गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संबोधन के दौरान ही ललित यादव खड़े होकर बोल रहे थे। इस पर अध्यक्ष ने उन्हें रोका।

कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्ष ने दिखा दिए थे तेवर
सुबह बिहार विधानसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्ष ने अपने तेवर दिखला दिए थे। चर्चा राज्यपाल के अभिभाषण पर शुरू होनी थी, अध्यक्ष इसकी घोषणा करते, इसके पहले ही माले, भाकपा, माकपा समेत विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आए गए। वे कृषि बिल वापस करने की मांग कर रहे थे। सभाध्यक्ष के बार-बार के आग्रह के बाद करीब तीन मिनट वेल में रहकर विपक्षी सदस्य सीट पर गए और वाद-विवाद आरंभ हो सका। 

ऐसे में सदन चलाने का क्या फायदा : तारकिशोर
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सदन में सदस्यों से हाथ उठवा रहे हैं। इन्हें सदन के अंदर सदस्यों का हाथ उठवाने का अधिकार नहीं है। यह सदन का अपमान है। नियमानुसार काम नहीं हो रहा है तो ऐसे में सदन चलाने का क्या फायदा? अध्यक्ष महोदय अगर आप कार्रवाई नहीं करेंगे तो ये लोग सदन का अपमान करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चलते सदन में धमकी दी जा रही है। आप कार्रवाई करें। 

मुझे शारीरिक नुकसान का खतरा: ललन
भाजपा विधायक ललन पासवान ने कहा कि मुझे जिनलोगों द्वारा प्रलोभन दिया गया है, वे ताकतवर लोग हैं। ये लोग मेरा और मेरे परिवार का शारीरिक व अन्य रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमलोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस पर आसन से उन्होंने सहयोग मांगा।

अध्यक्ष की जिम्मेदारी : नीतीश 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन चलने का एक नियम और मर्यादा है। नियम के विरुद्ध जाकर कोई कार्य करता है और अमर्यादित आचरण करता है तो इसे देखना और रोकने की जिम्मेदारी अध्यक्ष की है। 

ऐसे नहीं चलने देंगे सदन : तेजस्वी 
अपने संबोधन के बीच हो-हल्ला और टोका-टोकी से विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी परेशान हुए। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि ऐसे ही चलेगा तो फिर सदन चलने नहीं देंगे। किसी को बोलने नहीं देंगे। यादव ने सदन में बैठे मेवालाल चौधरी को इंगित कर कहा कि एक भ्रष्टाचारी को हटाकर दूसरे भ्रष्टाचारी अशोक चौधरी को मंत्री बना दिया। वे भी अपनी पत्नी के साथ भ्रष्टाचार में भागीदार हैं।

मास्क को लेकर तेजस्वी को घेरा
सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदस्यों से मास्क पहनकर ही सदन में आने का आग्रह किया। उन्होंने याद दिलाई कि आप जनप्रतिनिधि हैं और आपके उदाहरण का बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसके बाद जब नेता प्रतिपक्ष बोलने को हुए तो सत्तापक्ष से विधायक संजय सरावगी समेत अन्य ने नेता विपक्ष को इंगित करते हुए कहा कि इन्हें तो मास्क लगवाइए। सत्तापक्ष के बेहद आग्रह पर सभाध्यक्ष ने भी तेजस्वी को मास्क पहन लेने को कहा, लेकिन उन्होंने पॉकेट से निकालकर मास्क दिखलाया तो जरूर पर उसे पहना नहीं।

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