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लैंड फॉर जॉब केस: ED की तेजस्वी से मैराथन पूछताछ; 8 घंटे, 65 सवाल, जानिए क्या-क्या पूछा?

नौकरी के बदले जमीन घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव से ईडी की टीम ने पूरे 8 घंटे पूछताछ की। 65 से ज्यादा सवाल पूछे गए। इस दौरान दफ्तर के बाहर राजद कार्यकर्ता जमा रहे

लैंड फॉर जॉब केस: ED की तेजस्वी से मैराथन पूछताछ; 8 घंटे, 65 सवाल, जानिए क्या-क्या पूछा?
Sandeepहिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाWed, 31 Jan 2024 05:52 AM
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रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान ईडी की टीम ने तेजस्वी से 65 से ज्यादा सवाल पूछे। इनमें उनके नाम से दिल्ली एवं पटना में मौजूद संपत्ति से लेकर उनके निदेशक मंडल वाली निजी कंपनी में निवेश से जुड़े सवाल शामिल थे। अधिकतर सवालों पर तेजस्वी ने अनभिज्ञता जाहिर की।

जांच एजेंसी ने पूछा कि वर्तमान में उनकी आय का साधन क्या है। महीने की आमदनी कितनी है। जब वे नाबालिग थे, निजी कंपनी मेसर्स एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक मंडल में कैसे शामिल हो गए। बालिग होने पर भी वे इस कंपनी में बने रहे। यह कंपनी क्या काम करती है, इसका सालाना टर्नओवर 4 करोड़ के आसपास होते हुए भी कार्यालय दिल्ली के फ्रेंड्स कॉलोनी जैसे पॉश इलाके में कैसे है।

इस बंगले को कैसे और किससे खरीदा गया था। इस बंगले की मौजूदा कीमत करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक है। पटना से दिल्ली जाने पर आप इसी बंगले में ठहरते हैं, बावजूद इसके बारे में पूरी जानकारी कैसे नहीं है। इसके अलावा एक अन्य कंपनी मेसर्स एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के बारे में भी जानकारी ली गई है। इन दोनों कंपनियों के नाम से जिनती जमीनें ट्रांसफर की गई? फिर इनमें कई जमीनों को उनके परिवार के सदस्यों के नाम ट्रांसफर क्यों किया गया था? जमीन लेकर जिन लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई, उसके बारे में वे क्या जानते हैं।


इससे पहले मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तेजस्वी अपनी गाड़ी से पटना स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंचे। अन्य वाहनों में राजद के अन्य नेता थे। कार्यालय में उन्हें जाने की अनुमति मिली। वहीं, गेट के बाहर पार्टी के नेता और समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। पूर्वाह्न 11:30 बजे से शुरू हुई पूछताछ रात करीब आठ बजे पूरी हुई। इसके बाद बाहर निकले तो मुस्कुराकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया। गाड़ी पर बैठने से पहले पायदान पर खड़े होकर अंगुलियों से विक्ट्री का चिह्न बनाकर लोगों को दिखाया और बिना बयान दिए गाड़ी में बैठकर चले गए। गौर हो कि इसके पहले सोमवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से ईडी की टीम ने 10 घंटे में करीब 50 सवाल पूछे थे। मामला तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल (2004 से 2009 तक) का है।

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटी सांसद मीसा भारती, हेमा यादव के अलावा इनके सीए अमित कातयाल और जमीन देकर रेलवे में नौकरी पाने वाले ह्रदयानंद चौधरी समेत 7 लोग शामिल हैं। इन सभी नामजद अभियुक्तों को 9 फरवरी को पूछताछ के लिए दिल्ली ईडी मुख्यालय में बुलाया गया है।


इससे पहले तेजस्वी यादव का काफिला जैसे ही ईडी जोनल कार्यालय में मंगलवार को पूछताछ के पहुंचा, उनके साथ ही पार्टी नेताओं और समर्थकों का हुजूम भी जमा हो गया। अंदर जाने के बाद ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी का सिलसिला जारी रहा। बीच में कार्यकर्ताओं की संख्या और उत्साह भी थोड़ा कम हुआ, लेकिन देर शाम को तेजस्वी यादव के निकलते समय फिर से वही जमघट पूरे उत्साह के साथ लग गया। हालांकि पार्टी के नेता कार्यालय के सामने मौजूद दादीजी मंदिर के प्रांगण में कुर्सी लगाकर देर शाम तक जमे रहे। कुछ नेताओं का जमघट कार्यालय के बगल वाले भवन में भी लगा रहा। कुछ समर्थक इनके लिए समोसा, रसगुल्ला और बोतलबंद पानी लाने में जुटे रहे। कुछ-कुछ घंटे के अंतराल पर नेता और कार्यकर्ता कौतूहलवश इधर-उधर पूछते दिखे, अब कितनी देर और है, कब निकलेंगे हमारे नेता। पूछताछ कब खत्म होगी।

तेजस्वी यादव के साथ कार्यालय मुख्य गेट तक पूर्व मंत्री श्याम रजक, जय प्रकाश यादव एवं रामानंद यादव के अलावा एमएलसी कार्तिकेय कुमार, एमएलसी सौरभ कुमार, विधायक मुकेश रौशन समेत अन्य गए, लेकिन इन सभी को गेट से वापस लौटना पड़ा। दोपहर बाद सांसद मीसा भारती भी पहुंची और मंदिर प्रांगण में कल की तरह ही कुर्सी पर शरण ली। उनके साथ प्रवक्ता मनोज झा, उदय नारायण चौधरी, पूर्व मंत्री प्रो. चंद्रशेखर, समीर कुमार महासेठ, विधान पार्षद सुनील सिंह, पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, विधान पार्षद मुन्नी रजक, शक्ति यादव समेत अन्य नेता बैठे रहे। पूर्व मंत्री और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव कुछ देर के लिए यहां आए। अरवल से आए बैद्व धर्म के अनुयायी निखिल कुमार गौतम दुखी हैं।

राजद के मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि ईडी सभी विपक्षी दलों की तलाश करेगी। सब देख रहे हैं कि क्या चल रहा है। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ क्या हो रहा है, इसे भी सब देख रहे हैं। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी ऐसे ही हालात हैं। विपक्ष को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि उन्हें चुनाव लड़ना है, तो जांच एजेंसियों का सामना करना होगा। पूर्व शिक्षा मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि जो जनता को करना है, वह करेगी। इस पूछताछ का असर आने वाले चुनाव में देखने को मिलेगा। विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि ईडी को अपना कार्यालय राजद कार्यालय में ही खोल लेना चाहिए।

वही इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को अदालत को बताया कि लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित जमीन के बदले रेलवे में नौकरी घोटाले से जुड़े एक मामले में एक माह के भीतर पूरक आरोपपत्र दाखिल करेगी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत के समक्ष यह दलील दी।

इसमें कहा गया कि सीबीआई की जांच अभी जारी है। अगले महीने फरवरी के अंत तक जांच पूरी हो जाएगी। इसके बाद तत्काल अदालत में पूरक आरोपपत्र दायर कर दिया जाएगा। सीबीआई ने जांच के दौरान 13 लाख रुपये जब्त किए थे, जिन्हें जारी कराने के लिए राजद नेता अहमद अशफाक करीम ने एक आवेदन दायर किया था। सीबीआई ने इसके जवाब में ही अदालत को यह जानकारी दी है।

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