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लालू राज का वह दौर जब विपक्ष से कागज छीन लेते थे सत्ता पक्ष के नेता, सुशील मोदी ने याद किया पुराने दिन

सुशील मोदी ने लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल की  याद दिलाई। वह एक ऐसे नेता हैं जिन्हें विधानसभा, विधान परिषद लोकसभा और राज्यसभा सभी सदनों में जनता का प्रतिनिधित्व करने का का मौका मिला।

लालू राज का वह दौर जब विपक्ष से कागज छीन लेते थे सत्ता पक्ष के नेता,  सुशील मोदी ने याद किया पुराने दिन
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाThu, 15 Feb 2024 08:59 AM
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बिहार से राज्यसभा के 6 सीटों के लिए चुनाव होने वाला है। 15 फरवरी को नामांकन की आखिरी तारीख है। इसके साथ ही बीजेपी नेता सुशील मोदी का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। पुराने दिनों को याद करते हुए सुशील मोदी भावुक हो गए। नीतीश कुमार के साथ की कई बार डिप्टी सीएम रहे सुशील मोदी ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व, अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

सुशील मोदी ने लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल की  याद दिलाई। वह एक ऐसे नेता हैं जिन्हें विधानसभा, विधान परिषद लोकसभा और राज्यसभा सभी सदनों में बैठने का मौका मिला। 8 सालों तक विधानसभा में वह विपक्ष के नेता रहे जब लालू यादव मुख्यमंत्री थे।  सुशील मोदी कहते हैं कि लोकतंत्र के लिए वह बहुत कठिन दौर था विपक्ष को विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष को बोलते नहीं दिया जाता था। सत्ताधारी दल के नेता इतने हावी थे कि सदन के भीतर विपक्षी नेताओं के हाथ से कागज छीन लेते थे।  विपक्ष का कुछ चलने नहीं देते थे। सुशील मोदी 5 सालों तक विधान परिषद में भी नेता प्रतिपक्ष रहे। उन दिनों का अनुभव भी अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इसी से निजात दिलाने के लिए बिहार की जनता ने बीजेपी और जदयू को सत्ता की कमान सौंप दिया। 

इस बार राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया है।  जानकारी के मुताबिक सुशील मोदी को कहीं और सेट करने के लिए योजना पर काम हो रहा है। डॉ भीम सिंह और धर्मशिला गुप्ता को बीजेपी से राज्यसभा का टिकट दिया गया है। जेडीयू ने जल संसाधन मंत्री संजय झा को मौका दिया है।  सुशील मोदी ने तीनों नेताओं को अग्रिम बधाई दी है। 

भविष्य की योजनाओं को लेकर सुशील मोदी ने सब कुछ साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि 33 सालों के संसदीय जीवन में हमेशा सदन की गरिमा का पालन किया।  विपरीत परिस्थितियों में भी अपना शिष्टाचार बनाए रखा।  अब जीवन के अंतिम समय तक समाज की सेवा के लिए काम करते रहेंगे। सुशील मोदी लगातार 15 सालों तक विधानसभा में सदस्य रहे। 9 साल तक विधान परिषद में भी काम किया।  भागलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने।  राज्यसभा का कार्यकाल उनका समाप्त होने वाला है।  सुशील मोदी जेपी आंदोलन से निकले नेता हैं।  आपातकाल में 19 महीने तक जेल में रहे।
 

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