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Hindi News बिहारआधे घंटे पर केके पाठक ने सरकार को फंसाया, 5 MLC ने कहा- 6 बजे से स्कूल को वापस 6.30 करवा दो

आधे घंटे पर केके पाठक ने सरकार को फंसाया, 5 MLC ने कहा- 6 बजे से स्कूल को वापस 6.30 करवा दो

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिक केके पाठक के सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन के लिए सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित करने के आदेश को लेकर अब सियासी घमासान मच गया है।

आधे घंटे पर केके पाठक ने सरकार को फंसाया, 5 MLC ने कहा- 6 बजे से स्कूल को वापस 6.30 करवा दो
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाThu, 16 May 2024 09:58 PM
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बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक अपने फैसलों और सख्त नियमों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। केके पाठक के द्वारा जारी किए गए आदेशों को लेकर कई बार नीतीश सरकार पर भी उंगलियां उठती रहती हैं। एक बार फिर पाठक के द्वारा जारी किए गए आदेश को लेकर बवाल मच गया है। दरअसल, केके पाठक ने प्रचंड गर्मी को देखते हुए बिहार के सरकारी विद्यालयों की टाइमिंग में बदलाव कर दिया है। नए आदेश के अनुसार, राज्य के सरकारी स्कूलों में सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 तक बच्चों के लिए कक्षाएं संचालित होंगी। इस आदेश से शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी परेशान हैं। इस बीच शिक्षा विभाग की ओर से जारी समय सारिणी में संशोधन को लेकर बिहार विधान परिषद के पांच सदस्यों (एमएलसी) ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। शिक्षा मंत्री को लिखे गए पत्र में लिखकर वर्तमान समय सारिणी को बदलकर सुबह 6.30 से 11.30 बजे तक करने की मांग की गई है। 

विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा है कि अभी के समय अधिकांश परिवार न्यूक्लियर परिवार हैं, ऐसे में अधिकांश शिक्षक शिक्षिकाओं को घर का खाना बनाकर निकलना होगा। इसके लिए शिक्षिकाएं कब उठेंगी, और इस दिनचर्या से शिक्षक शिक्षिकाओं के सेहत पर क्या दुष्प्रभाव होगा इससे भी सरकार को अवगत होना चाहिए। सुबह 5:30 बजे सूर्योदय भी नहीं होता है और उस समय यातायात का सही परिचालन नहीं रहता है। ऐसे में शिक्षक और शिक्षिकाओं को विद्यालय पहुंचने में काफी कठिनाई होगी। 

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वहीं शिक्षक निर्वाचन से चुने गए बिहार भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं। इस प्रकार के फैसला ले रहे हैं जो पूरी तरह से शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। बिहार सरकार और एनडीए शासन की छवि को धूमिल करना चाहते हैं और सरकार के खिलाफ इस प्रकार के फैसले से शिक्षकों को आक्रोशित कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर बिहार कांग्रेस ने इसके लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर टिप्पणी कर सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने कहा कि शिक्षकों की प्रताड़ना निंदनीय है। कांग्रेस ने पूछा है कि मानसिक तनाव में शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वहन कर पाएंगे? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान ने शिक्षा विभगा का आदेश स्कूली बच्चों के साथ शिक्षिकाओं के लिए अनुकूल नहीं। इस फरमान का बुरा परिणाम होगा