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खेला आज ही हो जाएगा का जी? बिहार में पक रही सियासी खिचड़ी में जीतनराम मांझी ने लगाया तड़का

गणतंत्र दिवस पर अपने आवास पर झंडा फहराने के बाद जीतन राम मांझी ने प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने फिर से एक बार दावा किया कि नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो जाएंगे। मांझी ने इसका कारण भी बताया।

खेला आज ही हो जाएगा का जी? बिहार में पक रही सियासी खिचड़ी में जीतनराम मांझी ने लगाया तड़का
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाFri, 26 Jan 2024 12:06 PM
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बिहार सियासी भूचाल के दौर से गुजर रहा है। कहा जा रहा है कि कभी भी कुछ बड़ा हो सकता है। राज्य की सियासत बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी । पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी बता चुके हैं कि 25 जनवरी के बाद नीतीश कुमार कुछ नया और बड़ा खेला कर सकते हैं। इस बीच उन्होंने राज्य में पक रही सियासी खिचड़ी में फिर से तड़का लगाकर माहौल को और भी गर्म कर दिया है।

इन दिनों जीतनराम मांझी का एक बयान चर्चा में है कि 25 जनवरी के बाद देश की राजनीति में बड़ा खेला होगा। एनडीए में नीतीश कुमार का स्वागत करने के लिए जीतन मांझी बाहें पसार कर बैठे हैं। कई बार दावा कर चुके हैं कि नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ ज्यादा दिन नहीं रह सकते। इस बीच 26 जनवरी के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भूचाल पैदा करने वाला पोस्ट किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने एक्स हैंडल पर जीतन मांझी ने कम शब्दों में बड़ी बात लिखी है। पूर्व सीएम ने कहा है-  आज ही हो जाएगा का जी, खेला और क्या?

गणतंत्र दिवस पर अपने आवास पर झंडा फहराने के बाद  जीतन राम मांझी ने प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने फिर से एक बार दावा किया कि नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो जाएंगे। मांझी ने इसका कारण भी बताया और कहा कि अपनी सरकार के उपमुख्यमंत्री और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव की मौजूदगी में नीतीश कुमार खुले मंच से 2005 के पहले लालू-राबड़ी सरकार में जंगल राज की याद दिलाते रहते हैं।  अभी कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर नीतीश कुमार जी ने जननायक को भारत रत्न देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की। दूसरी ओर परिवारवाद की राजनीति पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग अपने परिवार को बढ़ाने में लगे रहते हैं जबकि मैंने कर्पूरी ठाकुर के रास्ते पर चलते हुए परिवार के सदस्यों को कभी आगे नहीं बढ़ाया।  उधर पीएम मोदी भी परिवारवाद को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते रहते हैं।  मांझी के मुताबिक नीतीश कुमार ने नाम लिए बगैर लालू यादव के पुत्र प्रेम पर निशाना साधा। उनका इशारा महागठबंधन के साथी कांग्रेस की ओर भी था। मांझी के मुताबिक चोट इसी बात पर थी कि तेजस्वी यादव को सीएम बनाने के लिए लालू खेमा बेचैन है। अब ऐसी स्थिति में आप समझ सकते हैं कि महागठबंधन में एकता  नहीं रहेगी। इसी आधार पर मैं कहता हूं कि खेला होकर रहेगा।

 

मांझी के इस ट्वीट के बड़े सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कहीं नीतीश कुमार आज ही कोई बड़ा फैसला न कर लें। बुधवार को सीएम हाउस में उन्होंने अपने प्रमुख नेताओं और मंत्रियों की बैठक बुलाई जिसमें ललन सिंह, संजय झा, विजय चौधरी, संजय सिंह समेत नीतीश कुमार के कई विश्वास पात्र शामिल हुए।  बैठक से बाहर निकलने पर किसी नेता ने इस मीटिंग का मजमून नहीं बताया। नीतीश कुमार के हर कदम पर नजर रखते हुए लालू प्रसाद यादव ने भी राजद के पदाधिकारी और विधायकों को राबड़ी आवास पर तलब किया। राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई।  हालांकि बैठक से निकले शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि महागठबंधन इंटैक्ट है। आरजेडी नीतीश कुमार के नेतृत्व में अंगद की तरह पैर जमा कर काम कर रही है। लेकिन जदयू नेताओं की तरफ से कोई बयान नहीं आना बड़े राजनीतिक संकेत देता है।

बुधवार को ही बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार के नेताओं की बैठक बुलाई। प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी समेत नेता प्रतिपक्ष विजय सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और कई अन्य नेता दिल्ली पहुंचे।  पहले विनोद तगड़े के आवास पर बैठे। फिर उसके बाद अमित शाह के घर पर फाइनल मीटिंग हुई।  माना जा रहा है कि अमित शाह की मीटिंग में इस विषय पर चर्चा हुई कि नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल करने से भाजपा को कितना फायदा होगा या कोई नुकसान तो नहीं होगा?

इस बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जीतनराम मांझी से देर रात उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात पर उन्होंने मीडिया को बहुत डिप्लोमेटिक जवाब दिया। जबकि मांझी की पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि बिहार के वर्तमान सियासी हालात पर बातचीत हुई। इन तमाम परिस्थितियों में मांझी के दावे में सच्चाई झलकती है,इससे इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि सियासत और क्रिकेट के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।
 

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