यादव, मुसलमान के पर्सनल काम नहीं करूंगा, पब्लिक काम होंगे; देवेश चंद्र ठाकुर का सुर बदला

Jun 17, 2024 03:16 pm ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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सीतामढ़ी लोकसभा सीट के नवनिर्वाचित सांसद और जेडीयू के नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने वोट नहीं देने की वजह से यादव और मुसलमानों का काम नहीं करने के बयान पर सफाई में कहा है कि वो उनके पर्सनल काम नहीं करेंगे।

यादव, मुसलमान के पर्सनल काम नहीं करूंगा, पब्लिक काम होंगे; देवेश चंद्र ठाकुर का सुर बदला

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के टिकट पर सीतामढ़ी लोकसभा सीट से जीतकर पहली बार संसद पहुंचे सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने यादव और मुसलमानों का काम नहीं करने के बयान में थोड़ी नरमी लाते हुए कहा है कि वो इनके पर्सनल काम नहीं करेंगे लेकिन सार्वजनिक काम लेकर ये आएंगे तो स्वागत है। चुनाव में यादव और मुसलमान का वोट नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ठाकुर ने एक सभा में कहा कि उन्होंने यादव और मुसलमान के बहुत सारे काम किए लेकिन इन लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया। अगर ये मेरे पास आएंगे तो उनका स्वागत है, उनको चाय-मिठाई तो दूंगा लेकिन उनके काम नहीं करूंगा। बयान पर विवाद के बाद भी ठाकुर अपनी ज्यादातर बातों पर कायम हैं लेकिन यह कहकर नरमी दिखाई है कि वो मुसलमान और यादव के पर्सनल काम तो नहीं करेंगे लेकिन वो आम लोगों के सार्वजनिक काम लेकर आएंगे तो उनका स्वागत है।

नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके देवेश चंद्र ठाकुर बिहार विधान परिषद के चेयरमैन थे जिस पद से उन्होंने सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफा दे दिया है। सीतामढ़ी लोकसभा सीट से वो 51356 वोट के अंतर से जीते हैं। देवेश चंद्र ठाकुर को 515719 जबकि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अर्जुन राय को 464363 वोट मिले। 2019 के चुनाव में इसी सीट पर जेडीयू के सुनील पिंटू राजद के अर्जुन राय से ढाई लाख वोट के अंतर से जीते थे। देवेश चंद्र ठाकुर जीते लेकिन जीत का मार्जिन घट गया और वोट प्रतिशत भी।

ठाकुर ने चुनाव परिणाम का जिक्र करते हुए काम लेकर आए एक मुसलमान की कहानी सुनाई और बताया कि उन्होंने आरजेडी को वोट दिया था। ठाकुर ने उस मुसलमान से कहा कि उसने तीर छाप पर बटन नहीं दबाया क्योंकि उसे तीर के पीछे नरेंद्र मोदी का चेहरा दिखता है तो उन्हें भी उसके चेहरे में लालू यादव और लालटेन दिखता है। उन्होंने उसे कहा कि आप पहली बार आए हैं इसलिए चाय-मिठाई मंगाता हूं और उसके बाद खुदा हाफिज कर दूंगा। मैं आपका काम नहीं कर सकता।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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