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Hindi News बिहारतेजस्वी यादव के चेहरे पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा महागठबंधन; कांग्रेस, लेफ्ट, वीआईपी सब तैयार

तेजस्वी यादव के चेहरे पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा महागठबंधन; कांग्रेस, लेफ्ट, वीआईपी सब तैयार

बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए से 30 सीटें हारने के बाद भी इंडिया गठबंधन यानी महागठबंधन अगला विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के चेहरे पर लड़ेगा। सभी दलों ने इस पर सहमति जताई है।

तेजस्वी यादव के चेहरे पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा महागठबंधन; कांग्रेस, लेफ्ट, वीआईपी सब तैयार
tejashwi yadav rjd
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाSat, 08 Jun 2024 08:14 PM
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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव महागठबंधन यानी इंडिया अलायंस पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव के चेहरे पर लड़ेगा। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सहित इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दल जल्द ही विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे। बिहार में आरजेडी के सहयोगी कांग्रेस, तीनों लेफ्ट पार्टियां और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए हामी भर दी है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव हैं। कांग्रेस उनके नेतृत्व में ही बिहार में चुनाव में शामिल होगी। हालांकि, इसकी अधिकृत घोषणा चुनाव के दौरान की जाएगी। वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति ने भी तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव में शामिल होने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव एवं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी की जोड़ी एक बार फिर लोगों को गोलबंद करेगी। 

वामदलों में सीपीआई माले, सीपीआई और सीपीएम भी पूरी तरह आरजेडी के साथ विधानसभा चुनाव में जाने को तैयार है। माले के मीडिया प्रभारी कुमार परवेज के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव में भी वामदल तेजस्वी यादव के साथ खड़े थे। उन्हें महागठबंधन के अंतर्गत ही चुनाव में 16 सीटें (सीपीआई माले 12, सीपीआई और सीपीएम 2-2) हासिल हुई थीं। नतीजतन, सीपीआई माले की बिहार विधान परिषद में भी एक सीट मिली। 

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पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने 76 सीटें हासिल की थी और बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। मगर, तब आरजेडी सत्ता से दो कदम दूर रह गई थी। इस बार समीकरण बदला हुआ है। तब लोजपा-आर के चिराग पासवान अकेले चुनाव मैदान में थे और उनके प्रदर्शन से एनडीए और खासकर जेडीयू को नुकसान हुआ था, जबकि इस बार वे सत्ता पक्ष के साथ हैं।