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असंगठित क्षेत्रों के कारोबार पर इनकमटैक्स की नजर

असंगठित क्षेत्रों के कारोबार पर इनकमटैक्स की नजर है। इन क्षेत्रों से आयकर वसूली और तेज होगी। इन क्षेत्रों से इनकमटैक्स को ज्यादा कर नहीं मिल रहा है। ईंट भट्ठा मालिक, सीमेंट व छड़ कारोबारी, छोटे कोचिंग संस्थान, जमीन खरीद-बिक्री कराने वाले मध्स्थ, बालू कारोबारी, मकान निर्माण कराने वाले ठेकेदार, जैसे कई असंगठित क्षेत्र हैं जो आयकर की चोरी कर रहे हैं। इन क्षेत्रों से इनकमटैक्स को कोई खास टैक्स नहीं आ रहा है। 

बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान तो आयकर जमा कर रहे हैं लेकिन छोटे कोचिंग संस्थान अभी भी नियमित कर अदा नहीं करते हैं जबकि इनकी सालाना आय अच्छी खासी है। उसी तरह अपार्टमेंट निर्माता आयकर जमा कर रहे हैं लेकिन मकान निर्माण कराने वाले ठेकेदार से इनकमटैक्स को कोई आय नहीं हो रही है। शहरों में आजकल ठेके पर मकान निर्माण तेजी से हो रहा है। वहीं शहरों व गांवों में बालू, ईंट व छड़ का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है लेकिन ये लोग आयकर की चोरी कर रहे हैं। 

बिहार व झारखंड के असंगठित क्षेत्र के कई व्यावसायी आयकर के निशाने पर है। जैसे इलाकों पर खास नजर है। इन इलाकों में कई बड़े व्यापारी हैं जिनका कारोबार वृहद् पैमाने पर और उनकी आय करोड़ों रुपए है लेकिन टैक्स अदा करने में सरकार को चूना लगा रहे हैं। आयकर विभाग की योजना है कि टैक्स चोरी करने वाले ऐसे व्यापारियों पर धावा बोलकर सर्च व सर्वे कर अधिक से अधिक टैक्स की वसूली की जाए। आयकर ऐसे व्यावसाइयों का खाका तैयार करने में जुट गया है। 

आयकर विभाग को सूचना मिली है कि बिहार व झारखंड के कई असंगठित क्षेत्र के व्यापारी आयकर की चोरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ मुहिम तेज होगी। इनकी आय लाखों में है लेकिन ये नियमित व सही रिटर्न फाइल नहीं करते हैं। व्यापार का टर्नओवर लाखों में रहता है लेकिन कागज पर कम आय दिखाते हैं। इसके अलावा ये व्यावसायी  वर्ग जमीन, अपार्टमेंट व शेयर में ज्यादा निवेश कर रहे हैं। 

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  • Web Title:Incometax view on unorganized sector businesses