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Hindi News बिहारसीमांचल के सियासी रण में खाकी वालों ने पहनी खादी, VRS लेकर कई डीएसपी और इंस्पेक्टर मैदान में

सीमांचल के सियासी रण में खाकी वालों ने पहनी खादी, VRS लेकर कई डीएसपी और इंस्पेक्टर मैदान में

पूर्णिया जिले के धमदाहा थानाध्यक्ष के अलावा सर्किल बी इंस्पेक्टर रहे राज किशोर शर्मा सेवानिवृत्ति के बाद जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र से सार्थक पार्टी से उम्मीदवार बनाकर जनता को लुभाने में लगे हैं।

सीमांचल के सियासी रण में खाकी वालों ने पहनी खादी, VRS लेकर कई डीएसपी और इंस्पेक्टर मैदान में
Sudhir Kumarकेके गौरव,पूर्णियाThu, 11 Apr 2024 01:05 PM
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लोकसभा चुनाव 2024 के बीच सीमांचल के सियासी समर में कई पूर्व पुलिसकर्मियों की भी परीक्षा होगी। खाकी के बाद खादी का दामन थामने वाले पूर्व पुलिसकर्मियों द्वारा राजनीति में शुचिता लाने के साथ कई अन्य तरह के पुराने नेताओं की तरह ही लोक लुभावन वादे कर रहे हैं। आने वाले समय देखने वाली बात होगी कि कानून का डंडा चलाने वाले ऐसे प्रत्याशियों पर जनता कितना भरोसा करती है। किशनगंज जिले के सदर अनुमंडल में पदस्थापित एसडीपीओ डॉ अखिलेश कुमार स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद पटना साइंस कॉलेज में प्रोफेसर बन गए और वह अररिया लोकसभा चुनाव से निर्दलीय भाग्य आजमा रहे हैं।

पूर्णिया जिले के धमदाहा थानाध्यक्ष के अलावा सर्किल बी इंस्पेक्टर रहे राज किशोर शर्मा सेवानिवृत्ति का लाभ प्राप्त करने के बाद जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र से सार्थक पार्टी से उम्मीदवार बनाकर जनता को लुभाने में लगे हुए हैं। पूर्णिया जिले के कई थाना की कमान संभाल चुके एक पूर्व पुलिसकर्मी भी अररिया जिला के एक विधानसभा से वर्तमान में विधायक हैं। सदर अनुमंडल मेें तैनात एक अफसर भी सेवानिवृत्ति का लाभ लेने के बाद अगले विधानसभा चुनाव लड़ने की रणनीति में मेहनत कर रहे हैं। पूर्व पुलिस उपाधीक्षक निर्दलीय प्रत्याशी डॉक्टर अखिलेश कुमार पीएचडी है और उनके सामने भाजपा के कई बार लोकसभा सदस्य रह चुके प्रदीप कुमार सिंह और सीमांचल गांधी के नाम से मशहूर स्वर्गीय तस्लीमुद्दीन के पुत्र शहनवाज आलम हैं।

घोड़ा पर चढ़कर कर रहे हैं चुनाव का प्रचार :

पूर्व सर्किल इंस्पेक्टर राजकिशोर शर्मा स्थानीय बनाम बाहरी, भ्रष्टाचार सुशासन और विकास करने की बात करते हैं। घोड़ा पर सवार होकर पुराने अंदाज में वोट मांगने का वीडियो भी सोशल मिडिया पर काफी वायरल है। अब देखना यह हैं कि मतदाता खाकी के बदले स्वरुप खाकी पर कितना भरोसा करते हैं।

कई पूर्व पुलिसकर्मी साध रहे हैं राजनीतिक दलों से रिश्ता

सीमांचल के पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले के दर्जनों से अधिक अवकाश प्राप्त डीएसपी रैंक के ऐसे पुलिसकर्मी है जिनका ठिकाना इन दिनों पूर्णिया जिला मुख्यालय में ही है। ऐसे सभी अवकाश प्राप्त पुलिस उपाधीक्षक किसी न किसी राजनीतिक दल से रिश्ता साधने में दिन रात जुटे हुए हैं। ताकि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की तरफ से टिकट मिल सके। ऐसे पुलिसकर्मी नौकरी के दौरान स्वच्छ चरित्र से लेकर बेहतरीन न्याय और कानून का डंडा अधिक से अधिक चलाने की दुहाई भी देते फिर रहे हैं।