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Hindi News बिहारयादव और मुसलमान का काम नहीं करूंगा; सीतामढ़ी के जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने क्यों की ऐसी बात?

यादव और मुसलमान का काम नहीं करूंगा; सीतामढ़ी के जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने क्यों की ऐसी बात?

लोगों को संबोधित करते हुए देवेश चंद्र ठाकुर का दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि मुसलमान और यादवों ने लोकसभा चुनाव में उन्ह वोट नहीं दिया क्योंकि वे बीजेपी के साथ हैं। तीर दबाते हुए नरेंद्र मोदी याद आ गए।

यादव और मुसलमान का काम नहीं करूंगा; सीतामढ़ी के जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने क्यों की ऐसी बात?
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Sudhir Kumarलाइव हिन्दुस्तान,पटनाMon, 17 Jun 2024 03:11 PM
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू नेता और सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का एक विवादित बयान आया है। देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि यादवों और मुसलमानों का काम अब वो नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने लोकसभा चुनाव में उनको वोट नहीं दिया। चुनाव जीतने के बाद सीतामढ़ी की एक सभा में ठाकुर ने कहा कि यादवों और मुसलमानों का चाय-नाश्ता पर स्वागत है लेकिन उनका काम नहीं करूंगा। बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के बयान का जेडीयू और बीजेपी ने बचाव किया है तो विपक्षी आरजेडी और कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा है कि पीएम नरेंद्र मोदी क्या जाति और धर्म देख कर काम करते हैं?

देवेश चंद्र ठाकुर रविवार को सीतामढ़ी में थे। केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार बनने के बाद उनके आगमन पर कार्यक्रम का आयोजन था जिसमें देवेश चंद्र ठाकुर ने लोगों को संबोधित किया।ठाकुर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने सबसे ज्यादा यादव और मुसलमान समाज का काम किया है लेकिन उन्होंने वोट नहीं दिया। अब उनसे चाय-नाश्ते तक का सबंध रहेगा। उनका कोई काम नहीं करेंगे।

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देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा, "एक मुस्लिम समाज के व्यक्ति कल सुबह में मिलने आए थे। बेचारे का दुर्भाग्य था कि पहली बार मेरे पास आया। कुछ काम कराने आया था। आदमी शरीफ था। मैंने कहा कि आप पहली बार आए हैं तो बोला हां पहली बार ही आए हैं। हमने कहा जो वोट हुआ है उसमें लालटेन को वोट दिया होगा। तो कहा कि जी लालटेन पर ही दिया। हमने कहा कि फिर भी आप हिम्मत करके मेरे पास आए हैं। मैंने पूछा- किस विचार से आए हैं। आप पहली बार आए हैं इसलिए आपको कम बोल रहा हूं, नहीं तो मैं छोड़ता नहीं हूं किसी को। पहली बार आए हैं इसलिए चाय-मिठाई मंगाता हूं, फिर आपको दुआ-सलाम करके खुदा हाफिज कर दूंगा, काम मैं आपका नहीं करूंगा। आप तीर दबाते तो आपको तीर में नरेंद्र मोदी का चेहरा दिखाई देता इसलिए आपने लालटेन दबाया। अगर यह बात है तो मैं आपके चेहरे पर लालटेन और लालू यादव का चेहरा क्यों नहीं देखूं। मैं आपका काम नहीं कर सकता।"

देवेश चंद्र ठाकुर यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि 70 साल के जीवन में पहली इस तरह का काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। यादव और मुसलमान मित्रों का स्वागत है। वे आएं, चाए-मिठाई लें पर काम के बारे में मत बोलें। उन्होंने कहा कि इतने दिनों के राजनैतिक, सामाजिक जीवन में सबसे ज्यादा पर्सनल काम इन्हीं दोनों समाज के लोगों का करवाया। लेकिन जब ये सिर्फ इसलिए वोट नहीं देते कि हम बीजेपी से जुड़े हैं तो पीड़ा होती है। पीएम मोदी के कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मुफ्त अनाज योजना चलाई तो फर्क नहीं किया और किसी को वंचित नहीं रखा। कोविड में जब वैक्सीन दिलवाई तो भेदभाव नहीं किया और अरबों लोगों की जान बचाई।

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देवेश चंद्र ठाकुर के इस बयान पर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह बात उन्होंने व्यथित होकर बोला है। जनप्रतिनिधि पिछली बातें भूल जाता है। लेकिन देवेश चंद्र ठाकुर ने जो कहा है वह उनके मन की व्यथा है जो निकल गई है। आरजेडी प्रवक्ता ऋषि मिश्रा ने कहा कि देवेश चंद्र ठाकुर का बयान ठीक नहीं है। वे सबके सांसद हैं लेकिन उन पर भाजपा के संगत का असर हो गया है। कांग्रेस नेता शिशिर ने कहा कि देवेश का बयान चिंताजनक है। देश में बहुत सारे लोग नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करते या वोट नहीं देते। तो क्या वे जाति और धर्म देख कर काम करेंगे।