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डीपफेक पर गृह मंत्रालय का अलर्ट, लोकसभा चुनाव में दुरुपयोग की आशंका, जानिए कैसे हो सकती है गड़बड़ी

डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग लोकसभा चुनाव में हो सकता है। जिसके मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। डीपफेक की मदद से वीडियो या फोटो में फेरबदल की जा सकती है।

डीपफेक पर गृह मंत्रालय का अलर्ट, लोकसभा चुनाव में दुरुपयोग की आशंका, जानिए कैसे हो सकती है गड़बड़ी
Sandeepकौशिक रंजन,पटनाMon, 12 Feb 2024 08:07 AM
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लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग की आशंका पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। इसमें डीपफेक का उपयोग कर भ्रांति फैलाने, उन्माद और अफवाह फैलाने की आशंका जताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) अलर्ट मोड में है। इसकी सोशल मीडिया यूनिट (एसएमयू) को सभी तरह के सोशल साइट्स पर निरंतर नजर रखने के लिए कहा गया है।

साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली गृह मंत्रालय की दो विशेष विंग सीईआरटी (कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम) और आई4सी (इंडियन साईबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर) से ईओयू की विशेष टीम निरंतर संपर्क में है। इन दोनों विंग की तरफ से डीपफेक से जुड़े मामले की जांच के लिए कुछ आधुनिक टूल्स या सॉफ्टवेयर भी दिए जा रहे हैं। कोई भी संवेदनशील सूचना मिलने पर इससे संबंधित उचित कार्रवाई तुरंत की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सभी सभी जिला स्तर पर गठित साइबर थानों में भी इसके लिए टीम बनाई जा सकती है। फिलहाल राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम पूरे मामले पर नजर रखी हुई है।

वहीं इस मामले पर ईओयू के डीआईजी एमएस ढिल्लोंन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में डीपफेक के दुरुपयोग को लेकर खासतौर से ईओयू की एसएमयू को अलर्ट कर दिया गया है। विशेषज्ञ की टीम सोशल मीडिया के सभी कंटेंट पर निरंतर नजर बनाए हुए है। विवादास्पद मामला सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

ये गड़बड़ी कर सकते हैं

डीपफेक की मदद से वीडियो या फोटो में फेरबदल की जा सकती है

व्यक्ति विशेष की वीडियो में आवाज से भी छेड़छाड़ हो सकती है

वैसे संदेश वाले वीडियो बन सकते हैं जिसे कभी बोला ही नहीं गया

छवि बिगाड़ने, उन्माद फैलाने और आपत्तिजनक वीडियो बन सकते हैं

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के सभी जिलों में सरकारी एवं अर्ध सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों का डाटा-बेस बनेगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है। निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सभी विभागों एवं कोषांगों में तैनात कर्मियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। ताकि, चुनाव के दौरान इन कर्मियों की तैनाती विभिन्न कार्यो के लिए किया जा सके। विभाग ने चुनाव की घोषणा होने के पूर्व इसे तैयार कर लेने को कहा है।

सूत्रों ने बताया कि सरकारी कर्मियों की सूची तैयार होने के बाद उन्हें प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी सरकारी कर्मियों को चुनाव पूर्व तीन प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कर्मियों की सूची में से अलग-अलग कर्मियों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी जाएगी। जानकारी के अनुसार जिलों में बनाए गए विभिन्न कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों का प्रशिक्षण फिलहाल टल गया है। इसके 21 फरवरी के बाद शुरू होने की संभावना है। निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने बताया कि 19 फरवरी से 21 फरवरी तक भारत निर्वाचन आयोग की उच्च स्तरीय टीम के बिहार दौरे को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभी स्थगित किया गया है।
 

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