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Hindi News बिहारफर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड, संस्कृत टीचर के बदले ठगे थे 52 लाख रुपये

फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड, संस्कृत टीचर के बदले ठगे थे 52 लाख रुपये

बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार कर लिए हैं। इन्होंने संस्कृत टीचर की नौकरी देने के नाम पर 52 लाख रुपये का चूना लगाया था।

फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड, संस्कृत टीचर के बदले ठगे थे 52 लाख रुपये
Ratanहिन्दुस्तान,गोपालगंजMon, 24 Jun 2024 06:01 PM
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नीट और नेट परीक्षा में हुई धांधली के बाद अब बिहार से एक और ऐसा ही गड़बड़ घोटाला वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने पटना से फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद इनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

एसपी स्वर्ण सिंह ने बताया कि साल 2023 में थावे थाना के रामचन्द्रपुर गांव के शैलेश कुमार सिंह ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें संस्कृत शिक्षक के पद पर नौकरी देने की बात दर्ज कराई गई थी। शैलेष ने नौकरी के नाम पर 52 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था।  इसके बाद से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। 

पुलिस ने इस मामले में नामजद तीनों अभियुक्तों को पकड़ लिया है। पकडे गए सदस्य मोतिहारी के शाहिद राजा, भोजपुर के विश्वजीत और मनीष सिंह हैं। चौथा अभियुक्त ओमप्रकाश सिंह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 

शैलेष ने आरोप लगाया था कि संस्कृत विद्यालय और अल्पसंख्यक विद्यालय में शिक्षक के पद की नौकरी लगाने के लिए अप्रैल 2022 में 52 लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद 21 जून 2022 को संस्कृत शिक्षा बोर्ड से इन लोगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र लाकर दे दिया। लेकिन जब संस्कृत बोर्ड में अनुमोदन लेकर गए तो पता चला कि किसी भी तरह की कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उसके बाद आरोपियों से रुपये मांगे तो पैसे देने से इंकार कर दिया।  

गिरोह के लोगों से पूछताछ चल रही है। पुलिस इन लोगों का इतिहास खंगालने में लगी हुई है। जानने की कोशिश हो रही है क्या इससे पहले भी किसी और तरह से ठगी हुई है। अगर हां तो इन लोगों ने अब तक कुल कितने लोगों को इस तरह से लूटा है और इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। 

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