बिहारी टैलेंट की धाक, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन में 4 बच्चे सेलेक्ट, जानिए उनके प्रोजेक्ट

Aug 02, 2024 11:48 am ISTSudhir Kumar हिन्दुस्तान, पटना
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अटल इनोवेशन मिशन के प्रोजेक्ट के अंतिम परिणाम में पांच सौ छात्रों के प्रोजेक्ट का चयन किया गया है। इनमें से चार बिहार के हैं। इनको नीति आयोग द्वारा तीन माह का इंटर्नशिप करवाया जाएगा।

बिहारी टैलेंट की धाक, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन में 4 बच्चे सेलेक्ट, जानिए उनके प्रोजेक्ट

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत बिहार से चार छात्रों का चयन हुआ है। ये सभी छात्र स्कूल ऑफ क्रियटिव लर्निग के नौवीं से 11वीं तक के हैं। कक्षा 11वीं के रिशु कुमार, नौवीं के रवि कुमार, दसवीं के प्रवीण कुमार और नौवीं के राकेश कुमार शामिल हैं। अब इनको नीति आयोग द्वारा तीन माह का इंटर्नशिप करवाया जाएगा। इस दौरान इनके प्रोजेक्ट का चुयन होने पर उसे नीति आयोग उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ायेगा। बता दें कि देशभर से इस इनोवेशन मिशन के लिए दो लाख छात्रों ने आवेदन भरा था। इसमें से 11751 स्कूलों के 53 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।

अटल इनोवेशन मिशन के प्रोजेक्ट के अंतिम परिणाम में पांच सौ छात्रों के प्रोजेक्ट का चयन किया गया है। अटल इनोवेशन मिशन के तहत पूरे देशभर में दस हजार स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की गयी है। इसके माध्यम से बच्चों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रतियोगिता का आयोजन सात नवंबर, 2023 को की गई थी।

46676 आइडिया नीति आयोग को मिले

इस मिशन के तहत नौवीं से 12वीं तक के छात्रों से विज्ञान का आइडिया मांगा गया था। इसमें देशभर से 46,676 आइडिया भेजे गए। बिहार से 32 स्कूलों ने भाग लिया था। इसमें 147 टीमों के 311 छात्र शामिल थे। बिहार से 110 आइडिया भेजा गया था। इसमें से दो आइडिया का चयन किया गया है।

क्या है एटीएल मैराथन 

एटीएल मैराथन एक राष्ट्रीय स्तर की नवाचार चुनौती है। इसका नेतृत्व अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग द्वारा शिक्षा मंत्रालय, यूनिसेफ और अन्य हितधारकों के साथ साझेदारी में किया जा रहा है।

कम जगह पर अधिक उत्पादन के लिए बनायी पौधशाला

बिहार के इन छात्रों ने दो प्रोजेक्ट बनाये थे। इसमें से रिशु कुमार और रवि कुमार का कम जगह पर अधिक उत्पादन के लिए पौधशाला का प्रोजेक्ट था। रिशु कुमार ने बताया कि एरियल फर्टिगेशन डिस्सपेंसर से संबंधित परियोजना है। इसके तहत कम जगहों पर भी पौधशाला बनायी जा सकती है। वहीं छात्र प्रवीण कुमार और राकेश कुमार ने स्मार्ट रिवर क्लिनर का प्रोजेक्ट बनाया है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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