पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का एम्स में निधन, तीन दिन पहले ही RJD से दिया था इस्तीफा
पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। फेफड़े में संक्रमण की वजह उन्हें भर्ती कराया गया था।अचानक तबीयत ज्यादा...

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। फेफड़े में संक्रमण की वजह उन्हें भर्ती कराया गया था।अचानक तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके निधन पर पीएम मोदी, लालू यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई नेताओं ने शोक जताया है।
Former Union Minister Raghuvansh Prasad Singh passes away.
He was admitted at All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) in Delhi. pic.twitter.com/PbqAEBtkfF
तीन दिन पहले आरजेडी से दिया था इस्तीफा
तीन दिन पहले ही उन्होंने एम्स से लालू यादव को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से इस्तीफा दे दिया था। रघुवंश प्रसाद सिंह को भेजी गई चिट्ठी में लालू प्रसाद यादव ने लिखा था, 'प्रिय रघुवंश बाबू, आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलाई जा रही है। मुझे वो विश्वास ही नहीं होता। अभी मेरे और मेरे परिवार के साथ ही राजद परिवार भी आपको स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता है।' 'चार दशकों में हमने हर राजनीतिक, सामाजिक और यहां तक कि पारिवारिक में मिल बैठकर विचार किया है। आप जल्द स्वस्थ हों, फिर बैठ के बात करेंगे। आप कहीं नहीं जा रहे हैं। समझ लीजिए। आपका, लालू प्रसाद।'
लालू यादव का संकटमोचक कहे जाते रघुवंश :
रघुवंश प्रसाद सिंह साल 1977 से लगातार सियासत में रहे। वे लालू प्रसाद यादव के करीबी व उनके संकटमोचक माने जाते रहे। पार्टी में उन्हें दूसरा लालू भी माना जाता था। वे लगातार चार बार वैशाली से सांसद रहे। यूपीए की सरकार में मंत्री भी रहे। विपक्ष में रहते हुए वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को घेरने में सबसे आगे रहे।
लालू ने जताया दुख
रघुवंश प्रसाद सिंह ने निधन पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने गहरा दुख जताया है। लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर लिया 'प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है. लेकिन आप इतनी दूर चले गए. नि:शब्द हूं. दुःखी हूं. बहुत याद आएंगे'।
प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया?
मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए।
नि:शब्द हूँ। दुःखी हूँ। बहुत याद आएँगे।

लेखक के बारे में
Amit Guptaअमित गुप्ता 'लाइव हिन्दुस्तान' में न्यूज एडिटर हैं।
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