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बिहार में बड़ा हादसा, नाव पलटने से तीन बच्चियों समेत पांच लोग डूबे; दो की मौत

बेतिया के बैरिया में नाव पलटने से दो बच्चियों की मौत हो गई। नाव में सवार कुल पांच लोग डूब गए, जिनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया।

बिहार में बड़ा हादसा, नाव पलटने से तीन बच्चियों समेत पांच लोग डूबे; दो की मौत
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,बेतियाThu, 29 Feb 2024 08:40 PM
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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बुधवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया है। बैरिया थाना क्षेत्र के सरेया मन में नाव पलटने से तीन बच्चियों एवं एक किशोरी समेत पांच लोग डूब गए। इनमें महिला और दो बच्चियों को बचा लिया गया लेकिन हादसे में एक बच्ची और किशोरी की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी। देर रात गोताखोरों ने बलुआ रमपुरवा वार्ड-7 के शंभू चौधरी की पुत्री लालचुन्नी कुमारी (19) व छोटन मुखिया की पुत्री खुशबू कुमारी (11) का शव निकाला। महिला समेत पांचों लोग छोटी नाव से सरेया मन के उसपार कूड़ा घाट से घास काट कर लौट रही थी। जीएमसी अस्पताल चौकी प्रभारी सुधांशु शेखर ने बताया कि पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। 

चाचा बाली चौधरी ने बताया कि मेरी भतीजी लालचुन्नी पड़ोस की खुशबू कुमारी, पुष्पा कुमारी (7), सिंधू कुमारी (8), लीलावती देवी (40) के साथ घास काटने के लिए बुधवार को छोटी नाव से कूड़ा घाट गई थी। वहां से घास काटकर देर शाम में घर मलाही बलुआ के रमपुरवा लौट रही थी। किनारे पर नाव पहुंचते ही पलट गई। इसमें पांचों पानी में डूबने लगीं। किनारे बैठी बचिया देवी ने पांचों को डूबता देखकर अपनी साड़ी खोली और मन में फेंका। इससे सहारे वह एक महिला व दो बच्चियों को बचाने में कामयाब रही, लेकिन खुशबू और लालचुन्नी को नहीं बचा सकी। घटना से गांव में कोहराम मच गया। काफी मशक्कत के बाद देर रात दोनों शवों को निकाला जा सका। गुरुवार को पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

चौथी की छात्रा थी खुशबू 
दादा अमरदेव मुखिया ने बताया कि मेरी पोती खुशबू राजकीय प्राथमिक विद्यालय, शिव मंदिर बलुआ रमपुरवा में चौथी की छात्रा थी। वह दो भाई और एक बहन में सबसे छोटी थी। उसके पिता जालंधर में मजदूरी करते हैं। पिता को घटना की जानकारी दी गई है। वह घर के लिए निकल चुका है। लालचुन्नी कुमारी तीन बहन और एक भाई में सबसे छोटी थी। उसके पिता शंभू चौधरी गांव में ही मजदूरी करते हैं।

सरेया मन में डूबने से दर्जनभर लोगों की जा चुकी है जान
सरेया मन में पूर्व में नाव हादसे हुए हैं। दर्जनभर लोगों ने इसमें जान गंवाई है। नब्बे के दशक मे सुलेमान मियां की बेटी, कुरेश गद्दी की बेटी, बंगाली गद्दी की बेटी समेत चार लोगों की मौत नाव पलटने से हो गयी थी। ये सभी सिसवा सरेया के रहने वाले थे। ये चारों लोग भी सरेया मन के उस पार मवेशियों के लिए चारा लाने गये थे। एक दशक पहले भी नाव हादसे में महिला समेत दो लोगों की सरेया मन में डूबने से मौत हो चुकी है। उसके कुछ दिन बाद ही नाव मन में पलट गई थी। इसमें एक युवक की मौत डूबने से हो गई थी। पांच साल पूर्व सरेया मन में नहाने के दौरान कालीबाग के एक युवक की मौत हो गई थी। उसके कुछ दिन बाद बैरिया के असीम गद्दी की सरेया मन में डूबने से मौत हो गई थी। बीते साल एक जनवरी को पिकनिक मनाने के दौरान बेतिया के दो युवक की सरेया मन में डूबने से मौत हो गई थी।

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