बिहार में खाद की किल्लत, केंद्र सरकार पर बरसे नीतीश के मंत्री, बोले- 20 फीसदी कम मिला यूरिया, भेदभाव का मढ़ा आरोप
बिहार में खाद की किल्लत के बीच कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने केंद्र सरकार पर राजनीति का आरोप लगाया है। कहा कि इस बार यूरिया की मांग ज्यादा है। इसके अनुरूप केंद्र आवंटन नहीं कर रहा है।

बिहार के सभी जिलों में यूरिया की किल्लत है। उर्वरक क्रय केंद्रों पर मारामारी है। घंटों कतार में रहने पर भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। परेशान किसान बाहर से मुंहमांगे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। गेहूं की बुआई के बाद यूरिया की मांग बढ़ जाती है। इसी मांग की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। आंकड़ों को देखें तो बिहार को दिसंबर की मांग के हिसाब से बीस फीसदी कम यूरिया मिली है। दिसंबर में मांग तीन लाख 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया की है। केंद्र सरकार से 25 दिसंबर तक आवंटन 2 लाख 68 हजार मीट्रिक टन हुआ है। जिसमें से दो लाख 48 हजार मीट्रिक टन यूरिया ही बिहार पहुंच पाई है। यानी अभी 82 हजार मीट्रिक टन यूरिया पहुंचना बाकी है। रैक आने के बाद सभी जिलों के क्रय केंद्रों तक खाद जाएगी। यही कारण है कि गेहूं पटवन के समय खाद खरीदने के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। बाजार से उन्हें महंगे दामों पर 350 से 450 रुपये में खरीदना पड़ रहा है जबकि उर्वरक क्रय केंद्रों पर यूरिया प्रति बोरा 266 रुपये में मिलती है।
बिहार में खाद की उपलब्धता (मीट्रिक टन में)
माह आवश्यकता उपलब्धता प्रतिशत
अक्टूबर 210000 134273 64
नवंबर 250000 174650 70
दिसंबर 330000 268371 81
कुल 790000 577294 73
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नमी रहने के चलते रबी 2022-23 में पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा क्षेत्र में बुआई हुई है। गेहूं के पटवन के समय यूरिया की जरूरत होती है। यही कारण है कि अभी यूरिया की मांग अचानक बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यूरिया नहीं देने का असर उत्पादन पर पड़ेगा।
मंत्री ने केंद्र को फिर लिखा पत्र
यूरिया की किल्लत पर कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने केंद्र सरकार पर राजनीति का आरोप लगाया है। कहा कि इस बार यूरिया की मांग ज्यादा है। इसके अनुरूप केंद्र आवंटन नहीं कर रहा है। आवंटन मिलता है तो रैक भेजने में जानबूझकर देरी की जा रही है। समय समाप्त होने पर यूरिया भेजने का क्या फायदा होगा। कहा कि किसानों के मामले पर राजनीति न हो। भाजपा के वरीय नेताओं को मैं आमंत्रण देता हूं, उनके साथ हम किसी भी मंच पर, कहीं भी बैठने को तैयार हैं।
46 पर प्राथमिकी
कृषि मंत्री का कहना है कि मनमानी करने वाले उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। रबी सीजन में 19 दिसंबर तक कुल 2073 प्रतिष्ठानों के खिलाफ छापेमारी की गई। इसमें अनियमितता पाए जाने पर 46 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 29 का लाइसेंस रद्द किया गया है।
दो बोरा लेने पर नैनो यूरिया का दबाव
किसानों का आरोप है कि इफको के ई बाजार केंद्र पर दो बोरा यूरिया लेने पर नैनो यूरिया लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इसकी कीमत 240 रुपये है। बिक्रम के गोरखरी निवासी किसान महेश कुमार का कहना है कि छिड़काव के लिए आधा लीटर का नैनो यूरिया जबरन दिया जा रहा है।





