ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहाररंग लाया किसानों का आंदोलन, बढ़कर मिलेगी जमीन के मुआवजे की रकम! कैमूर से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस वे

रंग लाया किसानों का आंदोलन, बढ़कर मिलेगी जमीन के मुआवजे की रकम! कैमूर से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस वे

32 दिनों से जमीन के उचित मुआवजा की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन रंग लाया है। और अब बढ़ी हुईं दरों के साथ उनकी जमीन की कीमत मिल सकती है। कैमूर से गंगा एक्सप्रेस वे निकलेगा।

रंग लाया किसानों का आंदोलन, बढ़कर मिलेगी जमीन के मुआवजे की रकम! कैमूर से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस वे
Sandeepकार्यालय संवाददाता,भभुआSun, 04 Feb 2024 10:11 AM
ऐप पर पढ़ें

जमीन के उचित मुआवजा की मांग को लेकर 32 दिनों से धरना दे रहे किसानों का आंदोलन रंग लाने लगा है। वृद्धि दर के साथ उनकी जमीन की कीमत मिल सकती है। किसानों का तर्क है कि वर्ष 2015 के बाद से सर्किल रेट नहीं बढ़ी है। उनका यह भी कहना है कि खामिदौरा के किसानों को एक करोड़ प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिया गया है, तो फिर वह कम क्यों लेंगे? कम मुआवजा तय करने के लिए किसान जिला प्रशासन व सरकार को दोषी मान रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने कमिश्नर को पत्र लिखकर मुआवजा दर पर विचार करने के लिए अनुरोध किया है। हालांकि धरनार्थियों से सदर एसडीओ विजय कुमार ने बात भी की थी।

समझा जाता है कि किसानों की मांग व धरना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कमिश्नर को पत्र लिखा गया है। शीतलहर, कुहासा, बादल, ठंडी बयार को झेलते हुए 32 दिनों से किसान धरना दे रहे हैं। किसानों ने मसोई स्थित पीएनसी कंपनी के बेस कैंप के अंदर कराए जा रहे कर्मियों के अस्थाई आवास, उपकरण व निर्माण सामग्री रखने के कक्ष निर्माण को ठप कराने की घोषणा की है।  धरना स्थल पर पहली फरवरी को एनएचएआई के क्षेत्रीय महाप्रबंधक एसबी सिंह व भू-अर्जन के सलाहकार एमपी मिश्रा ने पहुंचकर आंदोलनकारी किसानों से बात की। 

किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा 1.28 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन, अधिकारियों ने विभागीय नियमों को हवाला देते हुए मुआवजा बढ़ाने में असमर्थता जताई थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि इस पथ के बन जाने से लोगों को व्यापार व आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र का विकास होगा। 

कैमूर जिले के 5 अंचलों के 93 मौजा से गुजरने वाली भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के उचित मुआवजा को लेकर किसान एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं। कैमूर के भभुआ, रामपुर, भगवानपुर, चैनपुर व चांद प्रखंड से होकर वाराणसी-रांची व कोलकाता को जोड़ने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण नेशनल हाई-वे ऑथिरिटी इंडिया द्वारा कराया जाना है। 

किसान संघर्ष मोर्चा के महासचिव पशुपति नाथ सिंह व अभिमन्यू सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि का सरकार उचित मुआवजा नहीं दे रही है। उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किए जाने से हम किसानों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो जाएगी। जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी जमीन पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण के लिए नहीं देंगे।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें