ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहारभूकंप के झटकों से फिर हिला पूरा बिहार, लोगों की उड़ी नींद, पटना से लेकर इन जिलों में दिखा असर

भूकंप के झटकों से फिर हिला पूरा बिहार, लोगों की उड़ी नींद, पटना से लेकर इन जिलों में दिखा असर

एक बार फिर से भूकंप के झटकों से पूरा बिहार हिल गया। शुक्रवार देर रात आए भूकंप ने लोगों की नींद उड़ा दी। दहशत में लोग घर से बाहर निकल आए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.4 दर्ज की गई।

भूकंप के झटकों से फिर हिला पूरा बिहार, लोगों की उड़ी नींद, पटना से लेकर इन जिलों में दिखा असर
Sandeepहिन्दुस्तान टीम,पटनाSat, 04 Nov 2023 05:41 AM
ऐप पर पढ़ें

पटना समेत पूरे बिहार और देश के कई हिस्सों के साथ-साथ नेपाल में शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजकर  33 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.4 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र नेपाल के जाजरकोट जिले पैंक गांव में जमीन से दस किमी नीचे था। लोगों ने दो से तीन झटके महसूस किए। बिहार के सभी जिलों में तेज झटके महसूस किए गए हैं। बिहार के अलावा भूकंप के तेज झटके दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड समेत कई राज्यों में महसूस किए गए। हालांकि, फिलहाल कहीं से व्यापक नुकसान की सूचना नहीं है। कहीं-कहीं घरों में दरार की बात कही जा रही है।

पटना सहित राज्य भर में अचानक आए जलजले से लोग भयभीत हो गए। लोग अपने-अपने घरों से बाहर पार्कों और खाली मैदानों में खुद को सुरक्षित किया। कई लोगों ने अपार्टमेंट की छतों पर शरण ली। देर रात तक लोगों में भय का आलम रहा। लोग अपने अपने परिचितों को फोन पर कुशल क्षेम लेते देखे गए। दोबारा झटके के डर और आशंका के मारे रात 12 बजे के बाद तक लोग घरों से बाहर इंतजार करते देखे गए। जो लोग सोने की तैयारी में थे उनको ज्यादा दहशत महसूस हुई। लोग बच्चों को गोद में लेकर खुले स्थान में इकट्ठा हो गए। देखते देखते लोग सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने लगे। लोगों ने बताया कि झटके आते ही पंखे-झूमर और लाइट्स हिलती हुई दिखाई देने लगीं। 

इन जिलों में भी झटका घरों से निकले लोग
मगध, कोसी, तिरहुत, सीमांचल, पूर्वी बिहार व उत्तर बिहार के अधिकतर जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें पटना, सासाराम, जहानाबाद, मुंगेर, दरभंगा, गया, बांका, बक्सर, औरंगाबाद, कैमूर, छपरा, भागलपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चम्पारण, सीवान, बेगूसराय, जमुई, खगड़िया, अररिया, मधेपुरा आदि शामिल हैं। कई जिलों में तेज तो कुछ में हल्के झटके आए। गया में तेज झटके महसूस किए गए। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। उत्तर बिहार के जिलों में भी तेज झटके महसूस किए गए। दहशत के कारण गलियों व सड़कों पर लोग खड़े रहे।

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिक आशीष कुमार ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.4 रही। यह तीव्र श्रेणी का भूकंप था। देर तक इसका एहसास हुआ। बहुमंजिली इमारतों पर रह रहे लोगों ने इसे ज्यादा महसूस किया होगा। पटना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में देर रात भूकंप के झटकों से अफरातफरी मची रही। पहले तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। लेकिन कुछ पाल बाद ही जब लोगों को भूकंप का एहसास हुआ तो उनके होश उड़ गए। अपार्टमेंट के फ्लैटों में रहने वाले लोगों के बीच सबसे ज्यादा हड़कंप मचा रहा। लोग आनन- फानन में सीढ़ी से उतरकर बेसमेंट की ओर पहुंचे।

लोग इस बात से दहशत में थे कि कहीं दोबारा भूकंप के झटके न लगे। लोहानीपुर के रहने वाले कमलेश शर्मा ने कहा कि वे अपने परिवार के साथ घर से सुरक्षित स्थान की ओर निकल गए। देर रात तीन बजे तक लोग शहर की सड़कों व मैदान में जमे रहे। काफी संख्या में लोग परिवारों के साथ भी खुली जगहों पर रहे। सभी थाने अलर्ट पर पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने देर रात हिन्दुस्तान को बताया कि भूकंप के झटकों के बाद सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। जिन जगहों पर लोगों की भीड़ देर रात जमा है, वहां स्थानीय थाने की पुलिस को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिसकर्मी थाना छोड़कर भागे गांधी मैदान, पीरबहोर, सुल्तानगंज, कोतवाली सहित कई थानों में रहने वाले पुलिसकर्मी भूकंप के झटकों के बीच भाग निकले। हालांकि जो पुलिसकर्मी गश्ती पर थे उन्हें शुरू में भूकंप का एहसास नहीं हुआ। लोगों की भीड़ और शोर शराबा सुनकर उन्हें लगा कि कोई अनहोनी हुई है।

दरअसल आधी रात से लगभग बीस मिनट पहले अधिकतर लोग सो चुके थे, तो कुछ सोने की तैयारी में थे, तभी भूकंप के झटके ने लोगों को डरा दिया। जिसे जैसे मौका मिला घर से बाहर की तरफ भागा। चिरैयाटांड़ के पृथ्वीपुर मोहल्ले में भी भूकंप के बाद लोग सड़कों पर निकल आए। कई लोगों के मन में साल 2015 के भूकंप की यादें ताजा हो गईं। लोग चिंतित थे कि कहीं इस बार भी पिछली बार की तरह आफ्टर शॉक न आए। वहीं पृथ्वीपुर के रहने वाले बालेश्वर प्रसाद के मकान में दरार आ गयी। जिसके बाद पूरा परिवार डरा हुआ है। बालेश्वर जी का कहना है कि कुछ साल पहले भी भूकंप आया था पर कोई नुकसान नहीं हुआ था।

जानें तीव्रता और असर

0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।

2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है

3 से 3.9 तीव्रता पर कोई ट्रक पास से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।

4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं, दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं

5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है

6 से 6.9 तीव्रता पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान संभव है

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें