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Hindi News बिहारअररिया में पुल गिरने पर इंजीनियर की सफाई- गांव वालों ने नदी की धारा बदली थी, शायद उससे बहा पिलर

अररिया में पुल गिरने पर इंजीनियर की सफाई- गांव वालों ने नदी की धारा बदली थी, शायद उससे बहा पिलर

अररिया में पुल गिरने की घटन पर ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर ने आशंका जताई है, कि पुल के दो खंभों के बीच बकरा नदी की धारा को ग्रामीणों ने बदलने की कोशिश की थी, जिससे ये हादसा हुआ।

अररिया में पुल गिरने पर इंजीनियर की सफाई- गांव वालों ने नदी की धारा बदली थी, शायद उससे बहा पिलर
Sandeepआदित्य नाथ झा,अररियाTue, 18 Jun 2024 08:00 PM
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बिहार के अररिया जिले के सिकटी प्रखंड अंतर्गत परहरिया घाट के पास बकरा नदी पर बन रहे पुल के ढह जाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर आशुतोष कुमार ने आशंका जताते हुए पुल ढहने की वजह बकरा नदी की धारा में हो रहे बदलाव को बताया। उन्होंने कहा, 'कुछ दिन पहले स्थानीय लोगों ने पुल के दो खंभों के बीच नदी का रुख बदलने की कोशिश की थी, जिसके कारण पुल ढह गया होगा। और जांच के बाद ठेकेदार पर कार्रवाई की जायेगी।

दरअसल आज अररिया में उद्घाटन का इंतजार कर रहा 182.65 मीटर लंबा पुल ढह गया। अररिया-किशनगंज पथ पर सिकटी प्रखंड अंतर्गत परहरिया घाट के पास बकरा नदी पर ग्रामीण कार्य विभाग के तहत 7.79 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था। स्थानीय भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह और भाजपा विधायक विजय मंडल ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और गलत काम करने वालों की पहचान करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया यह इंजीनियरों और ठेकेदारों की ओर से की गई लापरवाही का नतीजा है। 

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उन्होने कहा कि पुल तो तैयार था लेकिन एप्रोच रोड पूरा नहीं था, इसलिए चालू नहीं हो सका। अगर यह चालू होता, तो यह एक गंभीर दुर्घटना होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री घटिया थी। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री बहुत ही घटिया गुणवत्ता की थी। साथ ही जब लोगों ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने डराया-धमकाया गया।

अररिया के डीएम इनायत खान ने एचटी को फोन पर बताया कि पुल के ढहने के कारण का पता लगाने के लिए एक तकनीकी टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। उन्होंने कहा, "एप्रोच रोड पूरा नहीं होने के कारण यह चालू नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह पुल अररिया के सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के लिए जीवन रेखा बनने वाला था। स्थानीय लोगों ने कहा, अगर पुल का निर्माण किया जाता है, तो अररिया और किशनगंज के बीच की दूरी कम हो जाएगी।

2023 के बाद से पुल ढहने की यह सातवीं घटना है और इस साल की दूसरी घटना है, जिसमें इस साल मार्च में हुई घटना भी शामिल है, जब सुपौल जिले में कोसी नदी पर एक निर्माणाधीन पुल ढह गया था, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी और दस अन्य घायल हो गए थे।

पिछले साल जून में किशनगंज और अररिया के गलगलिया के बीच एनएच-327 ई पर मेची नदी पर 100 मीटर का निर्माणाधीन पुल ढह गया था। पिछले साल मई में दुमुहनी नदी पर एक निर्माणाधीन पुल (20.10 मीटर लंबा) ढह गया था। पूर्णिया के बायसी ब्लॉक में कंक्रीटीकरण के तुरंत बाद इस पर काम शुरू हो गया है