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चमकी बुखार का कहर: बच्चों का इलाज नहीं होने पर हंगामा

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एसकेएमसीएच के वार्ड दो में भर्ती बीमार बच्चों का इलाज नहीं होने पर सोमवार को परिजनों ने हंगामा किया। इस वार्ड में अधिकांश बच्चे पीआईसीयू से शिफ्ट किये गये हैं। इनमें से कई की हालत अभी गंभीर है। गुस्साए दर्जनों परिजनों ने अधीक्षक कार्यालय के पास जाकर शिकायत की। वार्ड में ड्यूटी कर रही नर्सों के साथ बदसलूकी भी की। हंगामा की सूचना पर पहुंचे अस्पताल मैनेजर व हेल्थ मैनेजर ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। डॉक्टर को बुलाकर बच्चों का इलाज कराया। 

पूर्वी चंपारण के चकिया की मरीज पायल की मां माला देवी ने बताया कि रविवार को बच्ची को चमकी-बुखार से बेहोशी की हालत में भर्ती कराया था। पीआईसीयू में इलाज किया जा रहा था। सोमवार को डॉक्टर ने वहां से बच्ची को स्वस्थ बताकर जनरल वार्ड में भेज दिया। यहां लाने पर बच्ची की हालत और गंभीर होती जा रही है। चकिया के ही धुमन राम ने बताया कि बेटा सनोज कुमार को कै-दस्त होने पर रविवार को भर्ती कराया था। यहां सही से इलाज नहीं होने से बच्चे की सोमवार की शाम मौत हो गई। कोई देखने वाला नही है। 

झपहां की मरीज काजल कुमारी की दादी जगिया देवी ने बताया कि तीन दिनों से बच्ची को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज हो रहा था। उसकी हालत गंभीर है, लेकिन डॉक्टर ने जनरल वार्ड में भेज दिया है। एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही ने बताया कि समय-समय पर जनरल वार्ड में डॉक्टर मौजूद रहते हैं।

नहीं मिला शव वाहन, बच्चे का शव बाइक से ले गए
रविवार को एक बेबस मां को बेटे के शव को गोद में लेकर बाइक से ही रिश्तेदार के साथ घर लौटना पड़ा। उसे एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड से शव वाहन नहीं मिला। मोतीपुर थाने के जहांगीरपुर गांव निवासी दिनेश राय की पत्नी इंद्रीश देवी सोमवार की शाम ढाई साल के पुत्र युवराज को बेहोशी की हालत में लायी थी। डॉक्टर ने देखने के साथ ही मृत घोषित कर दिया। इंद्रीश देवी ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में कुछ देर रुकने के बाद अस्पताल कर्मियों से शव वाहन के बारे में पूछा, लेकिन किसी ने कुछ नही बताया। बच्चे की मौत की सूचना एक रिश्तेदार को दी। उसके साथ बाइक से बच्चे का शव लेकर घर लौटी। 

मौत पर मानवाधिकार आयोग का नोटिस
चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में हुई सौ से अधिक बच्चों की मौत मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मंगलवार को बिहार सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। एईएस या जापानी बुखार से हुईं मौतों पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जापानी इंसेफेलाइटिस वाइरस से बचाव व रोकथाम संबंधी राष्ट्रीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन की भी रिपोर्ट तलब की है। राज्य सरकार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को भेजे नोटिस में आयोग ने कहा है कि इस बीमारी से निजात पाने के लिए अब तक क्या उपाय किए गए हैं? 

विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अबतक 86 की गई जान
मुजफ्फरपुर व इसके आसपास के जिलों में महामारी का रूप ले चुके चमकी-बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है।  स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार शाम में जारी रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को चार बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में अबतक 86 मौत की बात कही गई है। देर शाम एसकेएमसीएच के अधीक्षक व सीएस डॉ. एसपी सिंह ने एईएस बुलेटिन जारी की। इसमें एसकेएमसीएच व केजरीवाल की रिपोर्ट को शामिल किया गया है। 

पटना एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर व कर्मी पहुंचे
एसकेएमसीएच में चमकी-तेज बुखार (एईएस) से मौत व भर्ती बच्चों की हर दो घंटे पर पटना से वीडियोकॉल कर प्रधान सचिव जायजा ले रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी बिहार सरकार व डीएम से पल-पल की जानकारी ले रहा है। उधर, एम्स पटना से आयी आईसीयू की विशेषज्ञ टीम ने सोमवार से काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, बेड कम होने से थोड़ा प्रोटोकॉल मेंटेन करने में समस्या आ रही है। इसके बाद भी इसमें विशेषज्ञ नर्सिंग स्टॉफ मदद कर रहे हैं। सभी भर्ती बच्चों की जांच हो रही है। एसकेएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विकास कुमार व अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने बताया कि जानकारी दी जा रही है। डाटा सेंटर के कर्मी लगातार पीआईसीयू जाकर अपडेट कर रहे हैं। दर्जनों बच्चों की जांच हो रही है।

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  • Web Title:Encephalitis in Muzaffarpur Not being treated for children in SKMCH