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बिहार मॉनसून: पहली बारिश से किशनगंज में बिजली व्यवस्था ध्वस्त, कई इलाकों में 50 घंटे से लाइट नहीं

भीषण गर्मी से बिहार को पहली मॉनसूनी बारिश ने राहत तो दे दी है, लेकिन अधिक बर्षा और वज्रपात के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बीते 40-50 घंटों से ठप चल रही है। हालांकि शहरी हिस्से इससे कम प्रभावित हैं।

बिहार मॉनसून: पहली बारिश से किशनगंज में बिजली व्यवस्था ध्वस्त, कई इलाकों में 50 घंटे से लाइट नहीं
Ratanहिन्दुस्तान,किशनगंजWed, 19 Jun 2024 06:42 PM
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भीषण गर्मी का कहर झेल रहे बिहार में पहली मानसूनी बारिश हो गई है। जिले में हुई पहली मानसूनी बौछार से नदियों के जलस्तर में वृद्धि तो हुई, लेकिन जिले के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है। ये समस्या इतनी बढ़ती जा रही है कि कुछ जगहों पर 40-50 घंटे से बिजली गायब है। हालांकि बिजली गुल होने की समस्या सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रही है। 


इतने समय से बिजली न आने का कारण तेज बारिश के साथ गिरी बिजली को माना जा रहा है। वज्रपात होने से ढ़ाई सौ से ज्यादा इंसुलेटर जल गए हैं। इससे पूरी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। हालांकि इससे शहरी हिस्से कम प्रभावित हुए हैं, लेकिन छोटे-छोटे ग्रामीण हिस्सों में तकरीबन 40-50 घंटे से बिजली नहीं आ रही है। इन गांवों में ठाकुरगंज, पोठिया, दिघलबैंक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। 

 हालांकि देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर देने का आश्वासन बिजली विभाग की ओर से जिला प्रशासन को दिया गया है। कई सालों बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी भी इलाके में 40 से 50 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी हो। 17 जून को तो शहरी क्षेत्र में उतना वज्रपात नहीं हुआ था। लेकिन बारिश जमकर हुई थी। इसके बावजूद करीब दस घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी।

मंगलवार की रात लगभग 11.15 बजे से एक घंटे तक तेज बिजली की गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जिससे शहरी क्षेत्र के मुख्य सड़कों से लेकर गली मुहल्लों की सड़कें भी जलमग्न हो गयी। हालांकि शहरी क्षेत्र में भी रात से गायब बिजली सुबह 11 बजे के बाद ही आ पायी थी। सबसे बुरा हाल ग्रामीण इलाकों का है जहां लोगों को 40 से 50 घंटा बिना बिजली के रहना पड़ा है। लोगों को पचीस साल पूर्व की याद ताजा हो गयी जब यहां बिजली संकट हुआ करती थी। तब लालटेन युग लोग कहते थे। 

मानसून के आगाज के बाद लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद लोगों को सूर्य के भी दर्शन नहीं हुए हैं। मंगलवार की देर रात भी जमकर बारिश हुई तो दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। आकाश में घने काले बादल छाये रहे। वहीं पूरबा हवा चलती रही। लोगों को लगा कि दोपहर में फिर बारिश होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि मौसम पूर्वानुमान में देर रात बारिश होने की संभावना जतायी गयी है।

जिले में हुआ 135.3 एमएम बारिश
जिले में मानसून का आगाज बेहतर हुआ है। यहां मानसून पूर्व से ही बारिश होती आ रही है। मानसून के आगाज के बाद 18 जून को भी देर रात जमकर बारिश हुई है। जिले में मंगलवार की रात 135.3 एमएम बारिश हुई है। कृषि विभाग से मिले वर्षापात के आंकड़ों के अनुसार जिले के ठाकुरगंज में सर्वाधिक 201.6 एमएम बारिश हुई है। उसके बाद पोठिया प्रखंड में 192.4 एमएम बारिश हुई है। वहीं सबसे कम कोचाधामन प्रखंड में 62.8 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा बहादुरगंज में 104.2 एमएम, दिघलबैंक में 102.4 एमएम, किशनगंज में 97.8 एमएम, टेढ़ागाछ में 185.8 एमएम सहित कुल 947.0 एमएम बारिश हुई। औसत बारिश 135.3 एमएम हुई है।