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पटरी पर बैठे थे प्रदर्शनकारी और दौड़ पड़ी ट्रेन, जान बचाने को अफरातफरी मची, स्टेशन मास्टर के खिलाफ जांच शुरू

चक्का जाम का नेतृत्व कर रहे चंदन कुमार वर्मा रेलवे ट्रैक पर सोते रह गए और इसी बीच पटना सुविधा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा दी गई। ट्रेन की आठ बोगी उनके ऊपर से गुजर गई।

पटरी पर बैठे थे प्रदर्शनकारी और दौड़ पड़ी ट्रेन, जान बचाने को अफरातफरी मची, स्टेशन मास्टर के खिलाफ जांच शुरू
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाWed, 06 Dec 2023 11:28 PM
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बिहटा- औरंगाबाद रेललाइन निर्माण की मांग के लिए लोगों ने बुधवार को पटना-डीडीयू रेलखंड को करीब चार घंटे तक ठप रखा। प्रदर्शन दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। चक्का जाम का नेतृत्व कर रहे चंदन कुमार वर्मा रेलवे ट्रैक पर सोते रह गए और इसी बीच पटना सुविधा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा दी गई। ट्रेन की आठ बोगी उनके ऊपर से गुजर गई। घटना को देख पुलिस प्रशासन सहित अन्य लोग हतप्रभ होकर शोर मचाते हुए इधर उधर भागने लगे। सुविधा एक्सप्रेस के चालक ने सूझबूझ से काम करते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को एकाएक रोक दिया लेकिन तबतक ट्रेन की आठ बोगी चंदन कुमार वर्मा के ऊपर से गुजर गई थी। इस बीच सूचना मिलने के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी आंदोलनकारियों को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे। वहीं रेलवे अधिकारियों ने उन्हें स्टेशन मास्टर के खिलाफ जांच का आश्वासन दिया।

गनीमत रहा कि कोई हादसे की चपेट में नहीं आया। कुछ देर के लिए मौके पर भगदड़ की स्थिति हो गई। इसके बाद आंदोलनकारी और उग्र हो गए। उन्होंने ट्रेन के इंजन पर रोड़ेबाजी भी की। ट्रेन चालक को पकड़ने के लिये दौड़ पड़े। चालक ने गेट बंद कर अपनी जान बचाई। आंदोलनकारी मौके पर डीआरएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय प्रशासन के साथ रेलवे के अधिकारी भी उन्हें समझाने में लगे लेकिन आंदोलनकारी मानने को तैयार नहीं थे।

चार घंटे बाद दानापुर रेल मंडल के डीआरएम आधार राज, वरीय मंडल परिचालन पदाधिकारी प्रभाष राघव और वरीय मंडल वाणिज्य पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने लोगों को समाझाया कि परियोजना से जुड़े फाइनल लोकेशन सर्वे का काम चल रहा है और जनवरी में पूरा हो जाएगा। इसके बाद डीपीआर बनाकर रेलवे को भेजा जाएगा। 

प्रदर्शन के कारण पटना-डीडीयू रेलखंड रेलखंड पर 14 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। कई ट्रेनें आसपास के स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। बिहटा- औरंगाबाद संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलनकारियों ने बुधवार की दोपहर 12 बजे से ही बिहटा स्टेशन पर डेरा जमा लिया। शाम 4.42 बजे तक मेन लाइन पर ट्रैक को बाधित रखा। 

वहीं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने कहा है कि आज बिहटा में कुछ लोगों द्वारा बिहटा-औरंगाबाद नई रेल लाईन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर ट्रेनों का आवागमन बाधित किया गया। प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जो निंदनीय है। यह कृत्य उनके खूद की एवं ट्रेन में यात्रा कर रहे हजारों यात्रियों की जान को खतरे में डालने वाला है। रेल प्रशासन इस प्रकार के कृत्य की घोर निंदा करता है। 

उन्होंने बताया कि बिहटा में कुछ दिनों पहले स्थानीय लोगों के एक शिष्टमंडल को बिहटा-औरंगाबाद नई रेल लाईन का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफ.एल.एस) और प्लान दिखाया गया था और यह भी बताया गया था कि डीपीआर का काम प्रगति पर है, जिसे अगले माह तक पूरा कर लिया जाएगा । इसके बावजूद भी कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शन करके रेल परिचालन बाधित किया गया एवं संरक्षा में व्यवधान डाला गया । ऐसा प्रतीत होता है कि इन लोगों ने किसी और मकसद से प्रेरित होकर इस घटना को अंजाम दिया । रेलवे द्वारा इस घटना की जांच की जाएगी । 

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