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बारिश से फिर गहराया बाढ़ का संकट, मुजफ्फरपुर व दरभंगा में खतरा बरकरार

flood in bihar

नेपाल व तराई क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही बारिश से एक बार फिर बाढ़ का संकट गहरा गया है। उत्तर बिहार में नदियों के घटते जलस्तर में एकबारगी वृद्धि होने लगी है। मुजफ्फरपुर व दरभंगा में बाढ़ का खतरा बरकरार है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी व सीतामढ़ी में नदियों के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। रविवार को मुजफ्फरपुर के निचले शहरी इलाके में बाढ़ के पानी के फैलने का क्रम जारी रहा। सिकंदरपुर के इलाके के आसपास के कई घरों में पानी घुस गया। बूढी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से सिकंदरपुर में 16 सेमी ऊपर बह रही है। सिकंदरपुर में जलस्तर 52.69 मीटर पहुंच गया है। जबकि यहां खतरे का निशान 52.53 मीटर पर है। 

दरभंगा शहरी क्षेत्र में रविवार को कई इलाकों में पानी प्रवेश कर गया। मब्बी इलाके में स्थित दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में पानी घुस गया। सीतामढ़ी के सोनबरसा में झीम व लखनदेई नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी फैल रहा। मोतिहारी में पताही प्रखंड अंतगर्त खोरीपाकर में बांध में सुराख होने से लोग भयभीत हैं। समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक व बागमती के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी है। सिंघिया में नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से लोगों में दहशत है। 

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दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में घुसा बाढ़ का पानी 
दरभंगा के कई नए शहरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी रविवार को घुस गया। नगर निगम क्षेत्र के शुड्टांकरपुर, रत्नोपट्टी तथा वार्ड नंबर दो के सुंदरपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। एनएच 57 से सटे मब्बी में स्थित दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में दोपहर बाद बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं, सदर प्रखंड की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। केवटी प्रखंड के पिंडारूच में बागमती का तटबंध टूटने व कमला-बलान की बाढ़ से इन इलाकों में पानी घुसा है। उधर, घनश्यामपुर, अलीनगर, जाले आदि प्रखंडों में जलस्तर कम होने के बावजूद बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बनी हुई हैं। मुधबनी में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ के पानी में डूबने से पतौना ओपी के छोरैहिया गांव की रामबाबू पासवान की पुत्री राखी कुमारी की मौत हो गयी। 

सीतामढ़ी में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी 
सीतामढ़ी में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार की सुबह सोनबरसा में झीम व लखनदेई नदी के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी फैलने लगा। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बागमती नदी सोनाखान में स्थिर है। वहीं ढेंग, डुब्बाघाट, चंदौली व कटौझा में जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। उधर, सोनबरसा, सुंदरपुर व गोआबाड़ी में जलस्तर स्थिर है। बावजूद जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई। आधा दर्जन प्रखंडों का संपर्क मुख्यालय से भंग हो गया है। सुप्पी, बैरगनिया, मेजरगंज, सुरसंड, परिहार, बाजपट्टी, डुमरा प्रखंडों में उंचे स्थल पर बाढ़ पीड़ित शरण ले रखे हैं। जिले में रुन्नीसैदपुर व बेलसंड में शनिवार को बाढ़ के पानी में डूबे लोगों का शव अभी तक नहीं मिला है। एनडीआरएफ की टीम तालाश में जुटी हुई है।

खोरीपाकर बांध में सुराख से मची अफरातफरी
मोतिहारी के पताही प्रखंड अंतगर्त खोरीपाकर में बांध में सुराख की सूचना पर ग्रामीण डरे हुए हैं। रात भर लोगों ने जगकर बिताया। प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से सुराख बंद कर दिया है। जिले में बागमती व लालबकेया नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। ऐसे में सुराख होने की सूचना पर देर रात अधिकारी मौके पर पहुंचे। रातभर जेनरेटर चलाकर बांध मरम्मत का कार्य होता रहा। 

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बयान 
बूढ़ी गंडक सिकंदरपुर में खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर है। नदी के पानी में स्थिरता आ रही है। मोतिहारी में बूढ़ी गंडक का पानी घटने लगा है। जल्द सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में कमी आएगी। 
इबरार अहमद, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन 
 

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  • Web Title:Due to the severe flood the danger is still on Muzaffarpur and Darbhanga after rain