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विमानों के रद्द होने से ट्रेनों पर बढ़ा यात्रियों का दबाव

पटना से दिल्ली-मुंबई जाने वाली कुछ विमानों के रद्द होने से ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है। होली के बाद बड़ी संख्या में यात्री वापस लौटने की तैयारी में हैं। कुछ विमान कंपनियों के विमान रद्द होने से इनके यात्रियों की निर्भरता अब ट्रेनों पर बढ़ गई है। अन्य सामान्य ट्रेनों के अलावा अब राजधानी और संपूर्ण क्रांति जैसी ट्रेनों में भी एसी क्लास में वेटिंग टिकट की सूची 200 से पार पहुंच गई है। मुंबई और पुणे जाने वाली ट्रेनों में तो वेटिंग लिस्ट 300 के पार पहुंच गई है। ऐसे में टिकट दलालों की चांदी हो गई है। वे लोग एक-एक टिकट के लिए दो हजार रुपये अतिरिक्त की वसूली यात्रियों से कर रहे हैं। 

दिल्ली निवासी व्यवसायी राहुल शर्मा ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से तत्काल टिकट के लिए पटना जंक्शन के रिजर्वेशन काउंटर पर लाइन लगा रहे हैं। सुबह छह बजे से लाइन में लगने के बावजूद दिल्ली जाने वाली किसी भी ट्रेन में तत्काल कोटे से भी कन्फर्म टिकट नहीं मिला। हारकर वेटिंग टिकट ले लिये हैं। रिश्तेदार के माध्यम से एक सांसद के पीए को टिकट कन्फर्म कराने के लिए दे दिया गया है। कन्फर्म होगा तो रविवार को दिल्ली जाऊंगा। वहीं जेट एयर में टिकट कराए संगीता मिश्रा और उनकी बेटी को दिल्ली जाने को कोई राह नहीं सूझ रही है। दूसरे विमानों का किराया 10 हजार से 12 हजार तक पहुंच गया है। बताया कि साढ़े तीन महीने पहले उन्होंने महज 3500 में टिकट बुक कराए थे। अब प्लेन का टिकट लेने में 24 हजार रुपये खर्च होंगे। ऐसे में उन्होंने गोविंद मित्रा रोड स्थित एक साइबर कैफे संचालक के माध्यम से टिकट के दाम के अलावा चार हजार रुपये अतिरिक्त देकर वेटिंग ई-टिकट लिया है। बताया कि कैफे संचालक उनका टिकट कन्फर्म कराने का भरोसा दिया है। 

नेताओं के पीए से दलालों की है साठगांठ
पटना के कुछ साइबर कैफे संचालक टिकट दलालों का संपर्क कुछ सांसदों के पीए और रेलवे के अधिकारियों से भी है। निगम के एक अभियंता ने अपने रिश्तेदारों को एक साइबर कैफे संचालक की मदद से एक दिन पहले लिए वेटिंग टिकट को कन्फर्म कराकर पुणे भेजा। बताया कि कैफे संचालक दलाल ने एक नेता के पीए के माध्यम से टिकट को कन्फर्म कराया था। उसने प्रति टिकट 1500 रुपये अतिरिक्त लिये थे। वहीं पटना जंक्शन के नजदीक स्थित एक ई-टिकट का कारोबार करने वाले साइबर संचालक ने रेलवे के अधिकारियों के माध्यम से टिकट कन्फर्म कराने का दावा किया। इसके लिए उसने कंकड़बाग की डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले यात्री से दो हजार रुपये अतरिक्त की मांग की थी। हालांकि यात्री ने उतना रुपया देने से मना कर दिया। 

सादी वर्दी में साइबर कैफे संचालकों पर निगाह रख रही है आरपीएफ 
पटना जंक्शन के आरपीएफ प्रभारी वीएन कुमार ने बताया कि सीनियर कमांडेंट के निर्देश पर आरपीएफ की टीम सादी वर्दी में साइबर कैफे संचालकों पर निगाह रख रही है। इसके अलावा अवैध टिकट कारोबारियों पर रोक लगाने के लिए खुफिया शाखा की भी मदद ली जा रही है। आईआरसीटीसी के माध्यम से साइबर कैफे संचालकों के आईडी पर भी निगाह रखी जा रही है। 

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