doctor arrested in Patna - भंडाफोड़: 50 रुपये में नशे का इंजेक्शन लगाने वाला कथित डॉक्टर गिरफ्तार DA Image
21 नवंबर, 2019|6:40|IST

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भंडाफोड़: 50 रुपये में नशे का इंजेक्शन लगाने वाला कथित डॉक्टर गिरफ्तार

1 / 2आरोपित की दुकान से नशीले इंजेक्शन बरामद किया है।

2 / 2प्रतीकात्मक तस्वीर

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महज पचास रुपये में कम उम्र के बच्चों व युवाओं को नशे का इंजेक्शन लगाने वाले कथित डॉक्टर को औषधि विभाग व पाटलिपुत्रा थाने की पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की दुकान से नशीले इंजेक्शन बरामद किया है। पकड़ा गया आरोपित शैलेंद्र कुमार मसौढ़ी थाना क्षेत्र के नदौल बैरमचक का रहने वाला है। औषधि निरीक्षक रंजन कुमार की ओर से पकड़े गए आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पूछताछ के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया। 

दो साल से कर रहा था धंधा
पुलिस के मुताबिक लड़कों को नशे की लत लगाने का यह काला धंधा पाटलिपुत्रा थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर छोटा नाले के पास पिछले दो साल से चल रहा था। आरोपित ने यहां अशोक सिंह के मकान में किराए के कमरे में क्लीनिक खोल रखी थी। महज 50 रुपए लेकर आरोपित लड़कों को नशे का इंजेक्शन लगाता था। इसके चलते लड़के नशे का इंजेक्शन लगाने के आदी बन जाते थे। इसलिए हर दिन लड़के कथित डॉक्टर के पास जाते थे और फिर रुपए देकर नशे वाला इंजेक्शन लगवाते थे।

वीडियो फुटेज से चढ़ा हत्थे
पाटलिपुत्रा थाना प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि एक लड़के को नशीला इंजेक्शन देते हुए डॉक्टर का वीडियो फुटेज मिला था। फुटेज की जांच करने पर मामला संदिग्ध पाया गया। इस पर अशोक सिंह के मकान में छापेमारी कर आयुर्वेद का डॉक्टर बताकर क्लीनिक चलाने वाले आरोपित शैलेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी क्लीनिक के बाहर डीएमएस डॉक्टर का बोर्ड भी लगा हुआ था। क्लीनिक से करीब 10 से 12 पीस नशे के इंजेक्शन के साथ ही दवाएं भी पुलिस ने जब्त कर लीं।

जांच में नहीं मिली डिग्री और लाइसेंस
पुलिस की सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर रंजन कुमार और पंकज कुमार वर्मा की टीम रविवार को पाटलिपुत्रा थाना पहुंची। टीम ने पकड़े गए आरोपित शैलेंद्र से पूछताछ की। साथ ही उसकी क्लीनिक को भी खंगाला। औषधि निरीक्षक रंजन कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में आरोपित के पास न तो कोई डिग्री मिली है और न ही दवाइयों को बेचने के लिए किसी प्रकार का लाइसेंस ही मिला है। बरामद इंजेक्शन व दवाइयों के बारे में भी आरोपित की ओर से कोई सही जानकारी नहीं दी जा सकी है।

गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
जांच टीम की मानें तो पकड़ा गया आरोपित पहले पटना के ही किसी नशा विमुक्ति केंद्र में काम करता था। इसके बाद वह इस धंधे में आ गया। थाना प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि पुलिस पकड़े गए आरोपित के कनेक्शन को खंगाल रही है। नशे वाला इंजेक्शन इससे कौन कराता है, उस शख्स तक भी पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पता चला है कि आरोपित दिल्ली से नशे का इंजेक्शन लाता था। 

बन सकते हैं नशे के आदी
ड्रग इंस्पेक्टर रंजन कुमार ने बताया कि वुपिन नारसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल नशा विमुक्ति केंद्र में नशे के आदी बन चुके लोगों को ठीक करने के लिए दिया जाता है। इस इंजेक्शन का इस्तेमाल करने से संबंधित व्यक्ति नशे का आदी बन सकता है, जो उसकी जान के लिए जोखिम बन सकता है।

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