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केके पाठक को बर्खास्त करो; सदन में हंगामे के बाद RJD की मांग भाई वीरेंद्र बोले- नीतीश की बात नहीं मानते ACS

राजद के प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में पिछले दो दिनों में जो घोषणा की उसका इंप्लीमेंटेशन नहीं हो पाया है। सीएम की बात नहीं मानने पर केके पाठक को बर्खास्त किया जाए।

केके पाठक को बर्खास्त करो; सदन में हंगामे के बाद RJD की मांग भाई वीरेंद्र बोले-  नीतीश की बात नहीं मानते ACS
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरोThu, 22 Feb 2024 01:22 PM
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक बिहार में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीति का केंद्र बन गए हैं। एससीएस के बहाने बहाने विपक्ष नीतीश कुमार और भाजपा नेताओं  पर हमलावर है। गुरुवार को बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों में केके पाठक को लेकर काफी हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए और पाठक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने एक वीडियो दिखाया जिसमें कथित तौर पर शिक्षकों से गाली गलौज का आरोप लगाया गया। 

हंगामा और शोर शराबे के बाद के के पाठक के मुद्दे पर विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। सदन के बाहर राजद के प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में पिछले दो दिनों में जो घोषणा की उसका इंप्लीमेंटेशन नहीं हो पाया है। इस बीच केके पाठक के आदेश पर जिलों में स्कूल की टाइमिंग को लेकर पहले का पत्र ही जारी कर दिया गया है। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्कूलों का समय 10 बजे से 4 बजे निर्धारित किया लेकिन केके पाठक ने उसे 9 बजे से 5 बजे तक जारी रखा।  इससे जाहिर होता है कि अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री की बात नहीं मानते। इतना ही नहीं केके पाठक का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें शिक्षकों को वह गाली दे रहे हैं। विपक्ष ने इस मामले को सदन में जोर-जोर से उठाया है। भाई वीरेंद्र ने मांग किया है कि सरकार दोनों सदनों की सर्वदलीय कमेटी बनाए और पूरे मामले की जांच कराए और इस गालीबाज पदाधिकारी को बर्खास्त करने का काम करें।

इधर कांग्रेस के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद का मजाक उड़ाने का काम कर रहे हैं। आधिकारी सीएम की बात नहीं मान रहे  यह सरकार के इकबाल को दर्शाता है। उन्होंने भी एसीएस पर कार्रवाई की मांग की। उधर राबड़ी देवी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सीएम की बात अधिकारी नहीं मानते हैं। बीजेपी नेता नीरज कुमार बबलू ने भी कहा कि अधिकारी हर हाल में सीएम की बात मानना पड़ेगा अन्यथा कार्रवाई होगी।

बुधवार को भी विपक्ष ने यह मामला सदन में उठाया था और पाठक को शिक्षा विभाग से हटाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुलकर उनका पक्ष लिया और कहा कि केके पाठक जैसे ईमानदार पदाधिकारी को हटाने की मांग करना गलत बात है। 

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