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कोरोना के बीच पटना में डेंगू की दस्तक, 15 के बाद बढ़ेगा खतरा, जलजमाव वाले इलाकों में बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप

वरीय संवाददाता,पटनाPublished By: Sneha Baluni
Thu, 05 Aug 2021 01:52 PM
कोरोना के बीच पटना में डेंगू की दस्तक, 15 के बाद बढ़ेगा खतरा, जलजमाव वाले इलाकों में बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप

पटना में डेंगू एक बार फिर दस्तक देने लगा है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में अब डेंगू पीड़ित पहुंचने लगे हैं। पूर्व में डेंगू का केंद्र बना ट्रांसपोर्टनगर, चित्रगुप्तनगर, आरएमएस कॉलोनी, चीना कोठी, मंदिरी के अलावा अब शास्त्रीनगर, दीघा पोस्ट ऑफिस रोड, रामनगरी, रूपसपुर, गर्दनीबाग, जवाहरनगर, सरिस्ताबाद आदि इलाके से भी इक्के-दुक्के मरीज अस्पताल अथवा निजी क्लिनिकों में इलाज कराने पहुंचने लगे हैं। 

आईजीआईएमएस, पीएमसीएच व अन्य अस्पतालों में अब नियमित रूप से एक-दो मरीज डेंगू पीड़ित मिलने लगे हैं। आईजीआईएमस के डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि डेंगू के मरीज एक-दो की संख्या में आ रहे हैं। लेकिन अगले कुछ दिनों में इसका प्रकोप और बढ़ सकता है। संख्या में चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू का प्रकोप 15 अगस्त के बाद से और बढ़ सकता है। 

जलजमाव वाले इलाके में पानी कम हो रहा है लेकिन गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखें तो सितंबर से नवंबर के बीच पटना शहरी क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अभी नगर निगम और मलेरिया विभाग द्वारा कोई खास कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। निगम के कुछ मोहल्लों में महीने में कभी-कभी फॉगिंग वाहन दिखाई तो देते हैं लेकिन तेजी से धुआं छोड़ते हुए निकल जाते हैं। 

जलजमाव वाले इलाके में नहीं बरती जा रही सतर्कता

शहर के जिन इलाकों में पिछले वर्ष डेंगू का प्रकोप था और जो इलाके जलजमाव से प्रभावित हैं, उन इलाकों में भी डेंगू को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। न तो निगम द्वारा नियमित रूप से चूना-ब्लीचिंग का छिड़काव किया जा रहा है और न ही मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग व रसायन का छिड़काव किया जा रहा है। ट्रांसपोर्टनगर, चित्रगुप्तनगर, रामलखनपथ, राजेंद्रनगर, सरिस्ताबाद, दीघा, शास्त्रीनगर इलाके में पिछले साल भी डेंगू का प्रकोप था। बारिश होने के बाद इनमें से कई इलाकों में कुछ दिनों तक जलजमाव भी रहता है। बावजूद इसके यहां छिड़काव आदि नहीं हो रहा है।

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