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25 जनवरी, 2020|7:57|IST

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दिल्ली गैंगरेप : बक्सर से तिहाड़ जेल भेजे गए फांसी के 6 फंदे, तेज हुई निर्भया के गुनहगारों को सूली पर लटकाने की तैयारी

meerut jallad will be hanged to the culprits of nirbhaya case call received

निर्भया के चार गुनहगारों को फांसी दिए जाने की चल रही कवायद के बीच बुधवार की सुबह बक्सर जेल में बनाए गए छह फंदे तिहाड़ जेल भेज दिए गए। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तिहाड़ जेल के अधिकारी बक्सर सेंट्रल जेल पहुंचे और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद फांसी के फंदे लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। हालांकि, सेंट्रल जेल अधीक्षक ने मामले में गोपनीयता बरतते हुए किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार किया।

बक्सर से करीब ही है निर्भया का पैतृक घर
बता दें कि बक्सर से चंद किमी दूर यूपी के बलिया जिले के मड़वरा कला गांव की निर्भया के साथ चार गुनहगारों ने दरिंदगी की थी। मामले में चली लम्बी सुनवाई और जनआंदोलन की मांग के बीच लग रहे कयासों के मुताबिक अब गुनहगारों से फांसी का फंदा दूर नहीं है। निर्भया के गुनहगारों को बहुत जल्द सजा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जेल प्रशासन भी अंदरखाने तैयारी कर रहा है।  

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फांसी से करीब सात दिन पूर्व भेजा जाता है फंदा
किसी भी जेल में फांसी की तिथि तय होने के पहले ही फांसी का फंदा पहुंचा दिया जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि सजायाफ्ता कैदी के वजन के बराबर बोझ को लेकर पहले रस्सी का ट्रायल कर लिया जाता है ताकि फांसी के समय कोई परेशानी नहीं आए। इसलिए, बक्सर जेल में फांसी के फंदे बनाए जाने की सुगबुगाहट मिलने से ऐसे कयास को बल मिल रहा है कि निर्भया के गुनाहगारों को लेकर ही ऐसी गतिविधि चल रही है। वैसे, आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी नहीं बताया जा रहा है कि किसके लिए फंदे तैयार किए गए।

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डेढ़ सौ किलो तक के कैदी झुलाए जा सकते
गौरतलब है कि किसी भी जेल में फांसी देने के लिए फंदा बक्सर सेट्रल जेल से ही भेजा जाता है। यहां अंग्रेजों के शासनकाल के समय से ही फंदा तैयार किया जाता है। यह फंदा यहां के कैदी और कुशल कारीगर बनाते हैं। इसको बनाने में सूत का धागा, फेविकोल, पीतल का बुश, पैराशूट रोप आदि का इस्तेमाल जाता है। जेल के अंदर एक पावरलुम मशीन लगी है। एक फंदे में 72 सौ धागों का इस्तेमाल होता है। सूत्रों का कहना है कि एक फंदे पर 150 किलोग्राम तक के वजन को झुलाया जा सकता है। इस रस्सी को मुलायम व लचीला रखा जा है। गंगा किनारे जेल होने के कारण यहां फंदा बनाना सुगम है।

अफजल गुरु के लिए 1725 रुपए में गया था फंदा
सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ जेल में वर्ष 2013 में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने के लिए बक्सर जेल से ही फांसी का फंदा भेजा गया था। तिहाड़ से ऑर्डर आने के बाद उस समय फंदा 1725 रुपए में भेजा गया था। अभी बन रहे फंदों की कीमत अधिक हो गई है। हालांकि, कच्चे सामान के दाम में वृद्धि होने से फंदे की कीमत पर भी महंगाई की मार है। इसके अलावा पाटियाला जेल में भी वर्ष 2016-17 में बक्सर जेल से ही मांगे जाने पर फंदे की आपूर्ति की गई थी।
 

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  • Web Title:Delhi Nirbhaya gang rape 2012 : hanging execution ropes sent to tihar jail from bihar Buxar jail speculation rife it is for Nirbhaya convicts akshay vinay