अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस से परिवार संग मुजफ्फरपुर लौट रहे कोरोना पॉजिटिव यात्री की मौत

मुजफ्फरपुर। वरीय संवाददाता  Last Modified: Sat, Apr 10 2021. 14:34 PM IST
offline

अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में परिवार संग बिहार के मुजफ्फरपुर लौट रहे मड़वाड़ा सिवायपट्टी के रहने वाले एक पॉजिटिव यात्री की चलती ट्रेन में मौत हो गई। ट्रेन के मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद स्टेशन अधीक्षक, रेलवे अस्पताल के चिकित्सक, आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी की मौजदगी में शव को प्लेटफार्म संख्या एक पर उतरा गया। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शव को ट्रेन के कोच बी-4 से उतारा गया।

मृतक के रिश्तेदार ने बताया कि वह चार दिन पहले सूरत में कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए थे। वहां इलाज सही ढंग से नहीं हो सका, डॉक्टरों ने बताया कि अभी वह ठीक नहीं हो सकते हैं। उनको ठीक होने में समय लगेगा। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति अपने पत्नी और दो बच्चे के साथ सूरत से मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गए। 

पीड़ित व्यक्ति कोच के 22 नंबर बर्थ पर सफर कर रहे थे जबकि उनकी पत्नी 19 नंबर बर्थ पर सफर कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि अचानक उनकी तबियत दानापुर से पहले बिगड़ने लगी। रेलवे कंट्रोल को सूचना दी गई। दानापुर में रेलवे चिकित्सक, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारी मौके पर पहुंचे। पीड़ित की स्थिति खराब देख। उन्हें तुरंत यात्रा समाप्त कर दानापुर में उतर कर इलाज कराने को कहा लेकिन परिजन उन्हें मुजफ्फरपुर में लाना चाह रहे थे। इसी कारण ट्रेन से उतरने से इंकार कर दिया। 

पत्नी और बच्चे निकले निगेटिव 
जंक्शन पर पहुंचने के बाद पत्नी और दोनों बच्चों का चिकित्सकों ने कोरेाना जांच किया। चिकित्सकों को अनुसार परिजन निगेटिव पाए गए हैं। रेलवे के चिकित्सक मनोज कांत गुप्ता ने बताया कि शव एसकेएमसीएच पोर्स्टमाटम के लिए भेजा जा रहा है। वहां उनके कोरोना की जांच किया जाएगा। इसके बाद कोरोना की पुष्टी की जाएगी। 

आरपीएफ कंट्रेाल को 139 पर दे सूचना 
चलती ट्रेन में अगर किसी तरह की समस्या और तबियत खराब होती है तो आरपीएफ कंट्रेाल नंबर 139 पर इसकी सूचना देने। यह रेलवे से एक ऐसा नंबर जारी किया है जिस पर किसी प्रकार की सूचना, शिकायत देकर मदद मांगी जा सकती है।  

शव पहुंचते प्लेटफार्म पर मची अफरातफरी
एक नंबर प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के अचानक रूक गयी। पूर्व से आरपीएफ व जीआरपी को इस बात की जानकारी थी। इसके बाद ट्रेन से शव को निकाला गया। परिजनों में चीख पुकार मच गई। कोरोना से मौत की बात आग की तरह पूरे जंक्शन पर फैल गयी। ड्यूटी में तैनात रेलकर्मचारी व यात्री वहां से भागने लगे। कुछ समय के लिए सिर्फ परिवार के लोग शव के पास बिलख रहे थे। लोग एक दूसरे से कोरोना मृतक की चर्चा करते रहे। यात्री अपनी सुरक्षा के लिए मास्क का इस्तेमाल भी  कर रहे थे। वहीं परिजनों के जांच में कोरोना निगेटिव आने पर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। सुरक्षा कर्मी और चिकित्सक ने हिम्मत जुटाकर पीपीई किट पहन को शव को नीचे उतरवाया। शव उतारने में ट्रेन को शाम 6:30-7:00 बजे तक रोका गया। जानकारी मिलने पर बी-4 में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। 

रेलवे ने जारी किया ज्वाइंट आदेश 
रेलवे की ओर से पूरी घटनाक्रम पर दानापुर से एक अधिकारियों को एक ज्वाइंट जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि बर्थ के यात्री को डॉक्टर राहुल द्वारा अटेंड किया गया तथा बताया कि उनकी हालत गंभीर है इसलिए उपचार बाबत उन्हे हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ेगा। उक्त पर करवाई करते हुए पीड़ित यात्री की पत्नी बर्थ 19 को उसके पति की हालत से अवगत कराया गया। तथा उपचार बाबत यात्रा डीडीयू के समाप्त कर हॉस्पिटल चलने का अनुग्रह किया गया, लेकिन उक्त महिला में हॉस्पिटल जाने से इंकार कर दिया। बोला की मै अपने पति का उपचार अपने गंतव्य स्टेशन मुजफ्फरपुर पर ही करवाऊंगी। मौके पर उपस्थित सभी अधिकारियों तथा साथी यात्रियों द्वारा महिला को समझाया गया कि उपचार बाबत हॉस्पिटल चला जाए, लेकिन महिला ने उतरने से तथा किसी प्रकार का उपचार करवाने से भी साफ मना कर दिया। 

जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार साहू ने बताया कि मृतक के परिजनों ने बताया कि वह चार दिन पहले सूरत में पॉजिटिव हो गए थे। वहां इलाज सही ढंग से नहीं होने के कारण मुजफ्फरपुर आ रहे थे। दानापुर से खुलने के बाद यात्री की मौत हो गई। शव को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर उतारा गया है। पोस्टमास्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा जा रहा है। 

ऐप पर पढ़ें

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं? हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें।
हिन्दुस्तान मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें