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Hindi News बिहारकुवैत अग्निकांड में दरभंगा के कालू खान की गई जान, जुलाई में थी शादी, भारत के 42 लोगों की मौत हुई है

कुवैत अग्निकांड में दरभंगा के कालू खान की गई जान, जुलाई में थी शादी, भारत के 42 लोगों की मौत हुई है

कुवैत अग्निकांड में 42 भारतियों की मौत हुई है। इसमें दरभंगा के कालू भी शामिल थे। सात सालों से कुवैत में काम करने वाले कालू जुलाई में अपने घर शादी में आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।

कुवैत अग्निकांड में दरभंगा के कालू खान की गई जान, जुलाई में थी शादी, भारत के 42 लोगों की मौत हुई है
darbhanga native kalu khan
Ratanविष्णु के झा, हिंदुस्तान टाइम्स,दरभंगाThu, 13 Jun 2024 06:47 PM
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कुवैत में लगी भीषण आग में बिहार के दरभंगा जिले के कालू खान की भी मौत हो गई है। यह आग कुवैत के मंगफ क्षेत्र में लगी थी। इस आग में 49 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 42 भारतीय शामिल हैं। ये लोग वहां रोजगार और दूसरे उद्देश्य से रह रहे थे। हादसे में 50 अन्य लोग घायल हुए हैं। कालू खान बीते 5-7 सालों से कुवैत में रहकर सेल्समैन का काम कर रहे थे। कालू की अगले महीन जुलाई में शादी थी और वो निकाह के लिए भारत आने वाला था। 

कालू खान की मौत से घर-परिवार और गांव वालों को सदमा लगा है। परिवार का बुरा हाल है। गुड़गांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर छोटे भाई शाहरुख ने बताया कि कुवैत की एनबीटीसी बिल्डिंग में जहां आग लगी, वहां उनके भाई पिछले 5-7 साल से सेल्समैन का काम कर रहे थे। सुबह 11 बजे मेरी बात कंपनी के एचआर से हुई तो उन्होंने बताया कि हादसे में कालू की भी मौत हुई है। कंपनी ने बताया है कि अगले दो से तीन दिनों में उनकी डेड बॉडी को दरभंगा भेज दिया जाएगा।   

नैनाघाट गांव के सरपंच ने बताया कि कालू खान की मौत से सब दुखी हैं। शाहरुख के अनुसार कालू 6 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। 2009 में उनके पिता की मौत हो गई थी। कालू से बड़े भाई भी कतर में ड्राइवर का काम करते हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कुवैत के अधिकारियों से मिलकर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई है। भारत सरकार ने घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।

यह घटना कुवैत की इस तरह की सबसे भयानक घटनाओं में एक है। सात मंजिला मकान की रसोई से शुरू आग ने 49 जान ली। अब तक की जांच में पता चला है कि दीवार के तौर पर इस्तेमाल किए गए ज्वलनशील पदार्थों ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। छत पर ताला लगा होने के कारण कोई नहीं भाग पाया। हादसे में ज्यादातर लोग धुंए की वजह से मारे गए।