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लोजपा में वार-पलटवार जारी, पारस बोले-पार्टी संविधान के तहत ही चिराग को दो पदों से हटाया

पटना लाइव हिन्दुस्तानPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 16 Jun 2021 08:47 PM
लोजपा में वार-पलटवार जारी, पारस बोले-पार्टी संविधान के तहत ही चिराग को दो पदों से हटाया

लोजपा में पशुपति कुमार पारस की बगावत के बाद से वार पलटवार का दौर जारी है। बुधवार की सुबह दिल्ली में चिराग पासवान ने प्रेस कांफ्रेंस कर चाचा पारस पर कई आरोप लगाए तो वहीं पटना पहुंचे पारस ने कई बातों से पर्दा उठाया। पारस ने कहा कि हम एनडीए के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन चिराग पासवान इसके लिए राजी नहीं हुए। यही वजह है कि लोजपा खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी थी। 

चिराग ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी संविधान का हवाला देते हुए चाचा पारस के फैसलों को गलत बताया था। उसका जवाब देते हुए पारस ने कहा कि हमारी पार्टी के संविधान में साफ लिखा है कि एक व्यक्ति-एक पद। चिराग पासवान 2013 से पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन हैं। 2019 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। इसके लिए चुनाव नहीं हुआ। नामांकन नहीं हुआ। इसके बाद वो संसदीय दल के नेता बन गए। पार्टी के संविधान के खिलाफ एक व्यक्ति तीन पद पर रहा। अब पार्टी ने फैसला लिया कि चिराग को संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए। 

पारस ने कहा कि आप चिराग पासवान से जरूर पूछें कि उन्होंने मुझे प्रदेश अध्यक्ष पद से क्यों हटाया। सत्ता न होने पर भी उन्होंने ऐसा किया। पारस ने दावा किया कि बिहार में लोकसभा का चुनाव मेरी देखरेख में पार्टी ने लड़ा और सभी 6 सांसद जीते। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हमें सबसे ज्यादा वोट मिले। इससे पहले पारस के पटना पहुंचने पर एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। 

पारस ने कई आरोप चिराग पर लगाये। कहा कि मेरे भाई रामविलास की मौत के दस दिन बाद से घर में कलह शुरू हो गयी। चिराग ने अगर कहा है कि 25 लाख रुपये मैंने लिये हैं, तो सही है। भाभी (रामविलास पासवान की पत्नी) ने श्राद्ध के लिए मुझे ये पैसे दिये थे। खर्च 60 लाख हुआ। सब पैसा मेरे बड़े भाई का ही तो था। यह पैसा भाभी ने मुझे कोई घूस के रूप में नहीं दिया था। पारिवारिक बातों को सड़क पर लाने की क्या जरूरत है?

कहा कि चिराग जिस पत्र का हवाला दे रहे हैं, वैसा कोई पत्र न तो उन्होंने लिखा है और न ही मुझे मिला है। वह बताएं कि विधानसभा चुनाव में पटना के एक होटल में दो बजे रात को पैसे लेकर टिकट किसने बेचे। आरोप लगाया कि टिकट देने के लिए चिराग पैसे ले रहे थे। इसके पहले दिल्ली में प्रेस के सवाल का जवाब देते हुए पारस ने कहा कि चिराग के कारण यह स्थिति आई है। एनडीए में रहते तो आज पार्टी के 25 विधायक होते। कई मंत्री भी बनते। भाभी रीना पासवान राज्यसभा में जातीं, लेकिन चिराग ने सब गड़बड़ कर दिया।

वहीं लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष सूरजभान सिंह ने कहा कि चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस एक साथ आएंगे और एक पार्टी में रहेंगे। इस मुद्दे को न भड़काएं। चिराग को समझना चाहिए कि उनके चाचा ने उनके अधीन काम किया है और अब उन्हें चाचा के नेतृत्व में करना चाहिए।

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