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3 जून, 2020|7:51|IST

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सीएम नीतीश से बोले प्रवासी, अपना प्रदेश बुलाने के लिए शुक्रिया, अब परदेस नहीं जाएंगे

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लॉकडाउन में मुंबई से लौटीं मुजफ्फरपुर की रुखसाना खातून ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपने ट्रेन के माध्यम से हमलोगों को अपना प्रदेश बुलाया, इसके लिए शुक्रिया। अब हम परदेस नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री के पूछने पर उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर पर उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्य के 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केंद्रों पर रह रहे प्रवासियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की। प्रवासियों ने भी खुलकर बात की और अपने विचार मुख्यमंत्री से साझा किये। कहा कि अब वे अपने राज्य में ही रहकार काम करेंगे। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश :-

वैशाली (महिला कॉलेज, हाजीपुर)
मुख्यमंत्री : कहां चले गये थे, वहां क्या करते थे ?
प्रवासी श्रमिक : दिल्ली, र्वेंल्डग करने का काम करते थे।
मुख्यमंत्री : यहां कब आए?
प्रवासी श्रमिक : 17 मई को आए थे। 
मुख्यमंत्री : बहुत अच्छी बात है, बिहार में ही रहिये और यहीं रहकर काम कीजिए।
प्रवासी श्रमिक : सर, काम मिलेगा तो यहीं रहकर अब काम करेंगे।
मुख्यमंत्री : यहां बहुत जरूरत है और काम भी मिलेगा।

समस्तीपुर (एलकेवीडी कॉलेज, ताजपुर)
मुख्यमंत्री : कहां चले गए थे ?
प्रवासी: मुंबई चले गए थे।
मुख्यमंत्री : वहां क्या करते थे ?
प्रवासी: वहां पर सिलाई का काम करते थे।
मुख्यमंत्री : यहां पर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है न?
प्रवासी: कोई दिक्कत नहीं है, अब यहीं पर रहकर काम करेंगे
मुख्यमंत्री : 14 दिन के बाद घर चले जाइएगा, घबराने की जरूरत नहीं है।

सहरसा (कन्या मध्य विद्यालय नौहट्टा) 
मुख्यमंत्री : कहां से आए हैं?, मो. इकबाल : दिल्ली से 
मुख्यमंत्री : वहां क्या करते थे ?
मो. इकबाल: वहां फास्ट फूड का दुकान चलाते थे।
मुख्यमंत्री : सेंटर पर कोई दिक्कत भी है?
मो. इकबाल: नहीं, केंद्र पर सारी सुविधाएं मिल रही हैं और आपको ईद मुबारक हो सर।
मुख्यमंत्री : आपको भी ईद मुबारक हो। चौदह दिन ठीक से रहिए, यह आपलोगों के हित में है। उसके बाद घर जाइएगा।सहरसा (कन्या मध्य विद्यालय नौहट्टा) 
मुख्यमंत्री : कहां से आए हैं?, मो. इकबाल : दिल्ली से 
मुख्यमंत्री : वहां क्या करते थे ?
मो. इकबाल: वहां फास्ट फूड का दुकान चलाते थे।
मुख्यमंत्री : सेंटर पर कोई दिक्कत भी है?
मो. इकबाल: नहीं, केंद्र पर सारी सुविधाएं मिल रही हैं और आपको ईद मुबारक हो सर।
मुख्यमंत्री : आपको भी ईद मुबारक हो। चौदह दिन ठीक से रहिए, यह आपलोगों के हित में है। उसके बाद घर जाइएगा।

किशनगंज (पोठिया केंद्र)
मुख्यमंत्री : कहां से आए हैं?
प्रवासी श्रमिक : कर्नाटक के हुबली से।
मुख्यमंत्री : वहां क्या करते थे ?
प्रवासी श्रमिक : कपड़ा फेरी का काम करते थे।
मुख्यमंत्री : सेंटर पर भोजन की कैसी व्यवस्था है ?
प्रवासी श्रमिक : बहुत बढ़िया, मेडिकल जांच के साथ-साथ सेंटर पर समय पर खाना और अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

बिहार में ही रोजगार मिले तो बाहर जाने की क्या जरूरत  
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बख्तियारपुर व बिक्रम प्रखंड स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूरों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत की। कहा, यदि बिहार में ही काम मिल जाए तो बाहर जाने की क्या जरूरत है। प्रवासी श्रमिकों के लिए  सरकार रोजगार देने की व्यवस्था कर रही है। इस दिशा में प्रयास चल रहा है। डीएम कुमार रवि बख्तियारपुर, उप विकास आयुक्त रिची पांडेय बिक्रम के क्वारंटाइन सेंटर में मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने सेंटरों में रह रहे लोगों से वहां मौजूद सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। पूछा, वे बाहर कौन-सा रोजगार करते थे। यदि बिहार में ही उन्हें काममिले तो क्या वह यहां रहेंगे। इस पर सभी ने सहमति जताई। सीएम को बख्तियारपुर सेंटर में रबाइच के भोला ठाकुर ने बताया कि वह वेल्लोर में प्लाइवुड की कंपनी में काम करते हैं। कहा, क्वारंटाइन सेंटर में अच्छा खाना, नाश्ता मिल रहा है। कोई समस्या नहीं है। देदौर के मृत्युंजय ने कहा कि वे राजकोट में पेंटिंग का काम करते हैं। सालिमपुर की गगन देवी ने कहा, वह दिल्ली में स्कूल में काम करती हैं। क्वारंटाइन सेंटर में सभी सुविधाएं हैं। बच्चों को दूध भी मिलता है।

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