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बिहार की लोकसभा सीटों का हाल: पूर्वी चंपारण में कभी कांग्रेस की धाक थी, अब बीजेपी का चलता है सिक्का

पूर्वी चंपारण से वर्तमान सांसद राधा मोहन सिंह सबसे ज्यादा बार सांसद चुने गए। उन्होने 1989,1996, 1999, 2009, 2014, 2019 में जीत हासिल की है। 2004 में एक बार अखिलेश प्रसाद राजद के टिकट पर जीते थे।

बिहार की लोकसभा सीटों का हाल:  पूर्वी चंपारण में कभी कांग्रेस की धाक थी, अब बीजेपी का चलता है सिक्का
Sandeepमुक्ति सिंह,मोतिहारीFri, 01 Mar 2024 11:20 AM
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पूर्वी चंपारण राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहा है। यहां गांधी जी ने किसानों के पक्ष में अंग्रेजी शासन से अहिंसक लड़ाई लड़ी, जो इतिहास में चंपारण सत्याग्रह के नाम से मशहूर है। सत्याग्रह का यह पहला सफल प्रयोग आजादी के आंदोलन में मील का पत्थर बना। चंपारण ज्ञान व शांति की भूमि भी है। केसरिया में दुनिया का सबसे ऊंचा बौद्ध स्तूप, तो अरेराज के लौरिया में अशोक स्तंभ है।

पूर्वी चंपारण लोकसभा क्षेत्र वर्ष 2008 में हुए परिसीमन से पहले मोतिहारी लोकसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद से यह क्षेत्र लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहा। बाद में यहां भाजपा ने सिक्का जमाया। इस सीट से अब तक छह-छह बार कांग्रेस व भाजपा के सांसद रहे हैं। वर्ष 1952 से लेकर 1971 तक कांग्रेस के विभूति मिश्र ने सांसद के रूप में इस क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व किया। 1984 में प्रभावती गुप्ता कांग्रेस के टिकट पर सांसद बनीं।

वर्तमान सांसद भाजपा के राधा मोहन सिंह यहां से सबसे पहले 1989 में सांसद बने। इसके बाद उन्होंने 1996 व 1999 में भी जीत हासिल की। लेकिन, 2004 में डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह (वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) ने जिले की राजनीति में कदम रखा और राजद के टिकट पर जीत हासिल की। इसके बाद 2009 में राधामोहन सिंह ने उन्हें पराजित कर यह सीट वापस हासिल कर ली।

पिछले तीन चुनावों से वे लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में भले ही इस क्षेत्र का नाम बदल कर पूर्वी चंपारण हो गया, लेकिन अब तक के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए राधामोहन सिंह ही चेहरा रहे हैं। वह अब तक नौ बार चुनाव लड़े और छह बार सांसद रहे हैं। इस सीट पर दो-दो बार सीपीआई व राजद को भी जीत मिली। 

वर्ष 1980 और 1991 में सीपीआई से कमला मिश्र मधुकर जीतकर सांसद बने। 1998 में पहली बार राजद के टिकट पर रमा देवी ने राधामोहन सिंह को पराजित किया। सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह केंद्र में कृषि राज्य मंत्री बने। उसके बाद वर्ष राधा मोहन सिंह केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री बने। पूर्वी चंपारण में आजीविका का साधन खेती और छोटे-मोटे उद्योग हैं।

यहां गन्ने और चावल की अच्छी उपज होती है। मेहसी का बटन उद्योग कभी विश्व प्रसिद्ध था। हाल ही में पीपराकोठी में कृषि विज्ञान केंद्र खुला है। हरसिद्धि में गैस बॉटलिंग प्लांट है। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के भवन के लिए जमीन का मुद्दा अभी नहीं सुलझा है। बंद चीनी मिलों को चालू कराने व गन्ना उत्पादकों का बकाया भुगतान अभी लंबित है।

कब-कब किसका रहा कब्जा

1952 से 1971 तक विभूति मिश्रा, कांग्रेस

1977 ठाकुर रमापति सिंह, जनता पार्टी

1980 कमला मिश्र मधुकर, सीपीआई

1984 प्रभावति गुप्ता, कांग्रेस

1989 राधा मोहन सिंह, भाजपा

1991 कमला मिश्र मधुकर, सीपीआई

1996 राधा मोहन सिंह, भाजपा

1998 रमा देवी, राजद

1999 राधा मोहन सिंह, भाजपा

2004 डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, राजद

2009 राधा मोहन सिंह, भाजपा

2014 राधा मोहन सिंह, भाजपा

2019 राधा मोहन सिंह, भाजपा

पूर्वी चंपारण लोकसभा क्षेत्र

कुल मतदाता- 17,35,874
पुरूष वोटर- 910184
महिला वोटर- 825668
थर्ड जेंडर- 22

मौजूदा समीकरण
2014 में राजद व जदयू ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। भाजपा से राधा मोहन सिंह ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। 2019 में भाजपा-जदयू ने साथ चुनाव लड़ा। फिर राधामोहन सिंह जीते। अब भाजपा, जदयू व रालोसपा साथ हैं। दूसरी ओर कांग्रेस, राजद व वाम दल एक साथ हैं। संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत आनेवाली छह विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा और एक-एक सीट पर जदयू व राजद का कब्जा है।

ये परियोजनाएं हुईं पूरी

बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए 221 करोड़ की लागत से निर्माण जारी

जिले को पाटलिपुत्र मेमू इंटरसिटी एक्सप्रेस की सौगात मिली

मुजफ्फरपुर-बापूधाम मोतिहारी से बाल्मीकिनगर रेलवे डबल लाइन के लिए 700 करोड़ आवंटित हुए

हाजीपुर, सुगौली वाया केसरिया रेललाइन के लिए 250 करोड़ की राशि मिली

अटल सभागार का विस्तारीकरण, औषधीय एवं सुगंधित पौधे की आसवन इकाई की स्थापना

गुवाहाटी-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए सर्वे कार्य पूरा हो गया

शहर के स्टेशन रोड में चरखा पार्क बना, महात्मा गांधी जिमखाना का निर्माण जारी

इन परियोजनाओं का रहा इंतजार

केंद्रीय विश्वविद्यालय को अब तक 302 एकड़ भूमि पूरी उपलब्ध नहीं हो पायी

शहर के छतौनी चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ

मौजूदा सांसद राधा मोहन सिंह का कहना है कि मोतिहारी रेलवे स्टेशन विश्वस्तरीय बनने जा रहा है। पीपराकोठी व परसौनी कृषि विज्ञान केंद्र वरदान साबित हो रहे हैं। पीपराकोठी कृषि विज्ञान केंद्र में उच्च योग्यता वाली बछियों के जन्म के लिए काम हो रहा है। वहीं राजद जिलाध्यक्ष और विधायक मनोज कुमार यादव का कहना है कि पांच साल में कोई जनसरोकार का काम नहीं हुआ है। गांधी की कर्मभूमि से स्वच्छता अभियान शुरू हुआ लेकिन मोतिहारी की पहचान गंदे शहर के रूप में है। गन्ना किसानों की परेशानी यथावत है।


 

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