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1 अगस्त, 2020|7:42|IST

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लोकसंवाद में बोले सीएम नीतीश, दाखिल खारिज के बाद ही जमीन बिक्री

कोई भी व्यक्ति अपनी पैतृक जमीन तभी बेच सकेगा, जब उसने पारिवारिक बंटवारे के बाद उसकी जमाबंदी (दाखिल खारिज) करा ली हो। इसको लेकर राज्य सरकार जल्द पूर्व से बने नियम में संशोधन करेगी। संशोधन के बाद यह राज्य में लागू कर दिया जाएगा। इसको लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को एक अणे मार्ग में आयोजित लोकसंवाद में पदाधिकारियों को दिया। 

आपत्ति पर विवाद बढ़ता है 
भागलपुर के दीपक कुमार झा ने लोकसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री से कहा कि पैतृक जमीन बिना बंटवारा परिवार का कोई भी बेच देता है। परिवार के अन्य किसी सदस्य की आपत्ति पर बाद में विवाद बढ़ता है। यह अनिवार्य होना चाहिए कि पारिवारिक बंटवारे के बाद जमाबंदी कराकर ही कोई व्यक्ति जमीन की बिक्री करे।  मुख्यमंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि ऐसा करने में कोई कानूनी समस्या नहीं है, तो इसे लागू करें। इस पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि इसमें राज्य सरकार के अपने नियम में संशोधन करने होंगे। 

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन कर इसे लागू करें। विवाद रोकने के लिए भी यह उपाय ठीक है। सीएम ने कहा कि भूमि विवाद खत्म करने को ही पारिवारिक बंटवारे पर होने वाले निबंधन का खर्च राज्य सरकार ने 100 रुपये कर दिया है। पदाधिकारियों ने सीएम को यह भी जानकारी दी कि छह माह में सभी खतियान की स्कैनिंग कर ली जाएगी। फिर इसे ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाएगा। 

केंद्र प्रायोजित योजनाएं बंद हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाएं बंद होनी चाहिए। इन योजनाओं में राज्य को भी 40-50 प्रतिशत पैसा लगाना होता है, जबकि हर राज्य की अलग-अलग जरूरतें हैं। राज्य अपनी जरूरत के अनुसार उस पैसे से अपनी योजनाएं चला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट्रल सेक्टर की योजनाएं चलती हैं, जिनमें केंद्र सरकार अपने पैसे से देशभर में काम कराती हैं, वह तो ठीक है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मैं केंद्र सरकार में था तो केंद्र प्रायोजित योजनाओं को घटाया था। 

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  • Web Title:CM Nitish said in Public Dialogue Program property Sale only after dismissal