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HAM के निशाने पर चिराग पासवान, नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रचने वालों का यही अंजाम होता है

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Mon, 14 Jun 2021 05:46 PM
HAM के निशाने पर चिराग पासवान, नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रचने वालों का यही अंजाम होता है

लोजपा सांसदों द्वारा पशुपति कुमार पारस को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर उन्हें हम ने बधाई दी है। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने फोनकर पशुपति पारस को बधाई दी है। चिराग पासवान का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि आज यह एक बार और सिद्ध हो गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश करने वालों का यही अंजाम होगा। आज चिराग पासवान का खुद का घर बिखर गया है।

इससे पहले सोमवार को लोजपा में टूट की खबरों के बीच दिवंगत नेता रामविलास पासवान के भाई और सांसद पशुपति पारस ने खुद पर लगे आरापों का खंडन किया है। सोमवार को मीडिया के साथ बातचीत में पशुपति ने कहा कि कल का फैसला मजबूरी में लिया गया है। दलित पिछड़ों की आवाज बनना और उनकी मदद करना स्वर्गीय रामविलास पासवान का सपना था। इसी कारण वो एनडीए में शामिल हुए थे। चिराग पासवान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो हमारे भतीजे हैं और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। मेरे और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। अगर वो चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि हमने पार्टी तोड़ी नहीं, बचाई है। रामविलास पासवान की आत्मा के शांति के लिए हम जबतक हैं, तबतक पार्टी जिंदा रहेगी।

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रविवार को सामने आई थी बगावत
गौरतलब है कि रविवार को पशुपति पारस के नेतृत्‍व में पार्टी के 6 सांसदों में से 5 सांसदों ने चिराग पासवान के खिलाफ बगावत कर दी थी। सोमवार को चिराग को हटाकर पशुपति पारस पासवान को संसदीय दल का नया नेता चुन लिया गया है। चाचा के इस कदम के बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। बागी सांसदों ने उन्‍हें राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मानने से भी इनकार कर दिया है। जिन पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है उनमें पशुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में बिल्‍कुल अकेले रह गए हैं।

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