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Hindi News बिहारसासाराम से चंपारण तक सख्ती, बच्चे-बच्चियां बचे, मजदूरी और सेक्स रैकेट के लिए ले जा रहे थे तस्कर

सासाराम से चंपारण तक सख्ती, बच्चे-बच्चियां बचे, मजदूरी और सेक्स रैकेट के लिए ले जा रहे थे तस्कर

बिहार के सासारम और चंपारण में पुलिस ने आठ बच्चों को तस्करी के चंगुल से छुड़ाया है। इसमें पांच तस्कर गिरफ्तार हुए हैं। ये तस्कर इन पांच बच्चों को मजदूरी और सेक्स रैकेट के लिए ले जा रहे थे।

सासाराम से चंपारण तक सख्ती, बच्चे-बच्चियां बचे, मजदूरी और सेक्स रैकेट के लिए ले जा रहे थे तस्कर
human trafficking of a girl child
Ratanलाइव हिंदुस्तान,सासारामThu, 13 Jun 2024 12:12 PM
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रेलवे सुरक्षा बल और बचपन बचाओ आंदोलन संगठन के कार्यकर्ताओं ने बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर छह बच्चों को तस्करों से बचाया है। ये तस्कर इन बच्चों को बिहार और झारखंड से राजस्थान में बाल मजदूरी कराने के लिए ले जा रहे थे। रेड के दौरान टीम ने दो तस्करों को पकड़ा। इनकी पहचान जितेंद्र कुमार और गोरेलाल के नाम से हुई है। दोनों बिहार के नवादा जिले के रहने वाले हैं।

नेपाल सीमा पर भी दबोचे गए तस्कर

बिहार के मधुबनी में भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी ने तीन तस्करों को अपनी गिरफ्त में लिया है। ये लोग दो नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार के लिए भारत से नेपाल ले जा रहे थे। पूछताछ में पता चला कि महज 15 हजार रुपये लेकर दोनों लड़कियों को नेपाल भेजा जा रहा था। फिलहाल जवानों ने दोनो नाबालिग लड़कियों को बचाकर बालिका गृह में सुरक्षित भेज दिया है।

सासाराम में ऐसे दबोचे गए तस्कर

रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि इस मिशन के तहत सासाराम रेलवे स्टेशन पर जैसे ही सियाल्दा अजमेर एक्सप्रेस पहुंची हमने तलाशी लेना शुरू कर दिया। हमें ट्रेन में छह बच्चे मिले। इनमें से चार बच्चे बिहार के गया से और बाकी के दो झारखंड के तिलैया से हैं।

तस्करी कर यहां ले जा रहे थे बच्चे

पकड़े गए तस्करों ने कबूल किया है कि वो चार बच्चों को अजमेर ले जा रहे थे। वहां इन बच्चों से नमक की फैक्ट्री में काम कराया जाता। बाकी के दो बच्चों को राजस्थान के जयपुर में ले जा रहे थे। वहां इनसे काजू बनाने वाले कारखाने में काम कराया जाता। तस्करों ने कबूल किया कि इन बच्चों से जबरदस्ती काम कराया जाता। बहुत कम रुपयों में 10-12 घंटे तक काम कराया जाने वाला था।

दबोचे गए तस्कर तो आजाद हुए बच्चे

पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ बाल श्रम( निषेध और विनियमन) अधिनियम और भारतीय दंड सहिंता के तहत केस दर्ज कर लिए गए हैं। तस्करों को पकड़कर आगे की पूछताछ की जा रही है। छुड़ाए गए बच्चों को चाइल्ड हैल्पलाइन को सौंप दिया गया है। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में बचपन बचाओ आंदोलन के देशराज सिंह और रेलवे सुरक्षा बल के सब इंस्पैक्टर डीएस रानावत ने अहम किरदार निभाया है।