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बिहार में फिर शुरू हुई नई व्यवस्था, इन 13 जिलों को होगा सबसे ज्यादा फायदा 

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरोPublished By: Dinesh Rathour
Sun, 01 Aug 2021 08:05 PM
बिहार में फिर शुरू हुई नई व्यवस्था, इन 13 जिलों को होगा सबसे ज्यादा फायदा 

राज्य में ट्रैक्टर पर अनुदान देने की व्यवस्था एक बार फिर शुरू हो गई। इस बार अनुदान 80 प्रतिशत रखा गया है। लेकिन यह सुविधा इस बार आम किसानों के लिए नहीं है। राज्य के 13 आकांक्षी जिलों में कृषि यंत्र बैंक बनाने वाले किसान समूहों को ही इसका लाभ मिलेगा। दूसरे किसान वहां से अपने इस्तेमाल के लिए सस्ती दर पर किराये पर ट्रैक्टर ले सकते हैं। केन्द्र सरकार ने राज्य के 13 जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया है। ये जिले- औरंगाबाद, गया, नवादा, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, कटिहार, अररिया, खगड़िया, सीतामढ़ी और पूर्णिया हैं। इन्हीं आकांक्षी जिलों में केन्द्र ने ट्रैक्टर पर अनुदान देने की यह नई योजना बनाई है। योजना पर अमल शुरू कर दिया गया है। इस योजना में ट्रैक्टर को मिलने वाले 80 प्रतिशत अनुदान की अधिकतम सीमा आठ लाख रुपये रखी गई है। चूंकि, अलग-अलग ट्रैक्टरों की अलग कीमत है लिहाजा, अधिकतम सीमा भी तय कर दी गई है। 

राज्य में ट्रैक्टर के बढ़ते व्यवसायिक प्रयोग के कारण सरकार ने इस पर अनुदान देना लगभग चार साल पहले ही बंद कर दिया है। हालांकि इस साल तो राज्य सरकार ने इस योजना को पूरी तरह बंद कर दिया है। लेकिन, केन्द्र सरकार की योजना चलेगी। ऐसे ट्रैक्टर सामान्य यांत्रिकीकरण योजना में ट्रैक्टर अब भी शामिल नहीं हैं। लेकिन, केन्द्र सरकार ने यंत्र बैंक के लिए योजना शुरू की है। सरकार का मानना है कि बैंक से केवल कृषि कार्य के लिए यंत्र दिये जाते हैं। इसका अलग व्यवसायिक उपयोग नहीं हो सकता है। लिहाजा व्यवस्था केवल यंत्र बैंकों के लिए ही की गई है। 

पहले अनुदानित यंत्रों की संख्या 14 थी, अब इनकी संख्या 71 हुई  

राज्य सरकार यांत्रिकीकरण योजना में लगातार बदलाव करते रही है। पहले अनुदानित यंत्रों की संख्या मात्र 14 ही थी। बाद में बढ़कर इनकी संख्या 71 तक पहुंच गई। लेकिन, सरकार जरूरत के अनुसार उसमें यंत्रों को जोड़ती घटाती रही है। सरकार की प्राथमिकता पराली प्रबंधन पर हुई तो इससे जुड़े यंत्रों पर अनुदान बढ़ा दिया। इसी प्रकार बीच में जंगली पशुओं को रोकने के लिए जरूरी यंत्रों पर भी अनुदान की व्यवस्था की गई थी। बाद में यंत्रों की शक्ति के आधार पर अनुदान मिलने लगा। लेकिन, अब वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ तो राज्य में केवल केन्द्र की ही योजना चलेगी। 

योजना एक नजर में 

  • 13 जिलों को ही मिलेगा लाभ 
  • 80 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान 
  • 08 लाख रुपये अधिकतम मिलेगा अनुदान  

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