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कारोबारी के अपहरण का मामला झूठा निकला, दंपती ने मिलकर रची थी साजिश; पुलिस भी हैरान

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज वार्ड-14 निवासी लक्ष्मी दास के अपहरण का मामला झूठा निकला। सदर थाना पुलिस ने मामले का खुलासा कर लिया है। कारोबारी को मुंगेर से जमालपुर से बरामद किया।

कारोबारी के अपहरण का मामला झूठा निकला, दंपती ने मिलकर रची थी साजिश; पुलिस भी हैरान
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,मधेपुराSun, 04 Feb 2024 07:57 PM
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मधेपुरा जिले के मुरलीगंज वार्ड-14 निवासी लक्ष्मी दास के अपहरण का मामला झूठा निकला। सदर थाना पुलिस ने मामले का खुलासा कर लिया है। कारोबारी को मुंगेर से जमालपुर से बरामद किया। पुलिस ने अनुसार कारोबारी दंपती ने जान बूझकर अपहरण का नाटक किया। गौरतलब है कि  मधेपुरा के मुरलीगंज वार्ड 14 निवासी केंदूला देवी ने अपने पति के अपहरण करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। 

महिला ने आवेदन में बताया था कि मेरे पति लक्ष्मी दास ने गौतमनगर निवासी शंकर भगत को चार ट्रक धान 23 लाख रुपये में बेची थी। उसका दस लाख रुपये बकाया है। रुपये नहीं मिलने पर जब पंचायत हुई तो शंकर भगत, अनिल भगत, राहुल कुमार सहित अन्य ने धमकाया था। महिला ने बताया कि पति 25 जनवरी से गायब हैं।

महिला के आवेदन पर सहरसा थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। एसपी के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। अपहृत लक्ष्मी दास को एक फरवरी को जमालपुर से सकुशल बरामद किया गया। अनुसंधान में यह पाया गया कि लक्ष्मी दास 26 जनवरी को अपने मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकालकर यूपी और बिहार के अन्य जिले भ्रमण कर रहा था। इस दौरान उसने पत्नी केंदुला देवी का सिम अपने मोबाइल में लगा रखा था। बीच-बीच में अपने संबंधियों से बातचीत भी करता रहता था। 

सहरसा पुलिस ने बताया कि कारोबारी व उसकी पत्नी ने अपहरण का झूठा नाटक रचा। साजिशन कुछ लोगों को झूठे केस में फंसाने का प्रयास किया। मामले का खुलासा करने वाली टीम में जिला आसुचना इकाई के पदाधिकारी एवं कर्मी के साथ ही सदर थानाध्यक्ष श्रीराम सिंह आदि थे।

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