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13 जनवरी, 2021|5:05|IST

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सावधान! बिहार में ट्रैफिक रूल तोड़ा तो जुर्माना के साथ मिलेगा डेढ़ घंटे का ‘गुरुमंत्र’ भी 

traffic fine

बिहार में अब ट्रैफिक नियमों से खिलवाड़ करना जुर्माना तक सीमित नहीं रहेगा। चालकों को जुर्माना तो देना ही पड़ेगा साथ ही ट्रैफिक नियमों का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। राजधानी पटना में ऐसी व्यवस्था पहले से की गई पर अब बिहार के सभी जिलों में ऐसा होगा। खासकर वैसे चालक जो नियम तोड़ते पकड़े जाते हैं और यातायात नियमों की जानकारी नहीं है, उन्हें डीटीओ ऑफिस के अधिकारी-कर्मचारी ट्रैफिक का रूल समझाएंगे।

फील्ड के पुलिस अफसरों को मिला टॉस्क
सड़क दुर्घटनों में कमी लाने के लिए हाल में ही राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार, यूनिसेफ और सीआईडी की ओर से पुलिस अधिकारियों को जाकरूक करने के लिए कई दिनों तक वेबिनार का आयोजन किया गया था। रेंज आईजी-डीआईजी के साथ जिलों के एसपी, एसडीपीओ और थाना प्रभारी इसमें जुड़े थे। हादसों में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का उल्लंघन करनेवालों के साथ सख्ती से पेश आने की हिदायत दी गई। इसी के तहत जुर्माना राशि वसूलने के बाद चालकों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाने की व्यवस्था सभी जिलों में करने को कहा गया है। वैसे चालक जो यातायात नियमों के बारे में सही से नहीं जानते, उन्हें ट्रैफिक रूल्स के बारे में बताया जाएगा। 

1.5 घंटे तक बताया जाएगा क्या है नियम
जुर्माना वसूलने के बाद नियमों की जानकारी देने के लिए 1.5 घंटे की क्लास होगी। जिला मुख्यालय में इसके लिए स्थान तय होगा। जिला परिवहन कार्यालय के साथ तालमेल स्थापित कर वहां के कर्मियों की मदद से चालकों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यातायात के निशान का मतबल, ओवर टेक के नुकसान, जेब्रा क्रॉसिंग क्या है, लाल, पीली और हरी बत्ती की स्थिति में क्या करना चाहिए, साइड लेने और लेन बदलने के दौरान किन बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए, जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां चालकों को दी जाएंगी। 

समाज सेवा का कार्य कराया जा सकता है
यातायात नियमों में वर्ष 2019 में कई संशोधन किए गए हैं। संशोधन के बाद दंड के तौर पर कम्यूनिटी सर्विस को भी जोड़ा गया है। इसके तहत नियम तोड़नेवाले से समाज सेवा का कार्य भी कराया जा सकता है। अभी इसपर काम शुरू नहीं हुआ है पर आनेवाले दिनों इसपर अमल किया जाएगा। 

हादसे में प्रतिदिन 20 मौत
बिहार में सड़क हादसों में प्रतिदिन करीब 20 लोगों की जान चली जाती है। वहीं देश के स्तर पर साल में करीब 1.5 लाख की मौत सड़क हादसों में होती है। राज्य में अक्टूबर 2020 तक 5277 लोगों की मौत हुई, जबकि साल 2019 में 7205 व्यक्तियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। 
 

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  • Web Title:careful: Now anybody would broken traffic rules in Bihar then they will get one and half hour Class along with fine paid this New system implemented in other districts on lines of Patna