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बिहारBihar Corona Update: कोरोना का नया स्ट्रेन एंटिजन किट और RTPCR मशीन को भी दे रहा गच्चा

भागलपुर, कार्यालय संवाददाताPublished By: Sunil Abhimanyu
Fri, 09 Apr 2021 03:34 PM
Bihar Corona Update: कोरोना का नया स्ट्रेन एंटिजन किट और RTPCR मशीन को भी दे रहा गच्चा

कोरोना की दूसरी लहर न केवल बिहार समेत पूरे देश में कहर ढा रहा है, बल्कि यह विशेषज्ञों की समझ में भी नहीं आ रहा है। आलम यह है कि मरीजों में कोरोना के सारे लक्षण से लेकर होने वाले नुकसान तक चिकित्सकों को दिख रहे हैं, लेकिन एंटीजन किट और आरटीपीसीआर मशीन से पहचान नहीं हो पा रही है। कोरोना का नया स्ट्रेन रैपिड एंटिजन किट और आरटीपीसीआर मशीन को भी गच्चा दे रहा है। 

जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी कहते हैं कि अस्पताल की आईसीयू में ऐसे मरीजों की भरमार है, जिनमें कोरोना के लक्षण से लेकर कोरोना वायरस से फेफड़े को होने वाले सभी रिपोर्ट मरीज को कोरोना होने की गवाही दे रहे हैं, लेकिन रैपिड एंटिजन टेस्ट किट से लेकर आरटीपीसीआर मशीनों से हुई जांच रिपोर्ट उसे निगेटिव बता रहा है। इस तरह के मरीजों के लिए नुकसानदायक पहलू यह होता है कि वे कोरोना संक्रमित नहीं पाये जाने की दशा में उनका कोरोना का इलाज नहीं हो पाता है और पांच-छह दिन में ही उनकी हालत गंभीर होने लगती है। खतरा इस बात का रहता है कि ऐसे मरीज के जरिये अनजाने में उनके अपनों को कोरोना होने का खतरा बढ़ जाता है। अभी भी आईसीयू में चार और मरीज हैं जिनमें कोरोना के लक्षण तो हैं, लेकिन वे जांच में कोरोना निगेटिव हैं। 

कोरोना के सारे लक्षण मिले, मौत के बाद निगेटिव
सिकंदरपुर निवासी 36 वर्षीय युवक को तीन अप्रैल को जेएलएनएमसीएच  अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया जाता है। रैपिड किट की जांच में कोरोना निगेटिव मिलता है, लेकिन कोरोना के सारे लक्षण जैसे सांस का फूलना, ऑक्सीजन की कमी, फेफड़े में संक्रमण मिलता है तो चिकित्सक उसे कोरोना पॉजिटिव मानकर आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू करते हैं। जहां पांच अप्रैल को दोपहर बाद 1:40 बजे उसकी मौत हो जाती है। मौत के बाद लाश से आरटीपीसीआर से कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। इसकी रिपोर्ट में भी वह मृत युवक कोरोना निगेटिव निकलता है। एमसीएच कोरोना आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. ओबेद अली कहते हैं कि बीते पांच दिनों में चार मरीजों की मौत आईसीयू में हो चुकी है। इनमें कोरोना के सारे लक्षण थे और सिटी स्कैन रिपोर्ट में उनके फेफड़े में धब्बा बना (फेफड़े में संक्रमण की पुष्टि), ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल में कमी, गले में दर्द और बुखार आदि लक्षण विद्यमान थे। 

कोई भी जांच पद्धति पूर्ण नहीं, इसलिए निगेटिव हो सकते हैं कोरोना पॉजिटिव
मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी कहते हैं कि आज की तारीख में कोरोना जांच के लिए कोई ऐसी जांच पद्धति नहीं है जो किसी मरीज को कोरोना होने या नहीं होने की पूरी गारंटी दे सके। रैपिड एंटिजन टेस्ट किट की जांच सटीकता 70 प्रतिशत, आरटीपीसीआर मशीन से 67 प्रतिशत कोरोना जांच के सटीक होता है। ऐसे में अगर सैंपल गलत तरीके से लिया जाये तो कोरोना पॉजिटिव भी कोरोना निगेटिव निकल सकता है। कोरोना के म्यूटेशन से आरटीपीसीआर मशीन कोरोना के वायरस को डिटेक्ट नहीं कर पा रहा है।  

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