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हाईकोर्ट की मियाद: पटना में बड़े रसूखदारों के अवैध निर्माण पर भी चला बुलडोजर-Video

कई बार चले अतिक्रमण अभियान से वंचित रहे कई रसूखदार इस बार नहीं बच पाए। खासकर बेली रोड पर अतिक्रमण किए ऐसे लोगों के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने सबसे पहले बुलडोजर चलाया। रविवार को विकास भवन के पास अवैध निर्माण को तोड़ा गया। 

विकास भवन के सामने सरकारी जमीन पर लंबे समय से कुछ लोग कब्जा किए हुए थे। 2018 के अतिक्रमण हटाओ अभियान से यह इलाका अछूता था। इस बार अतिक्रमण अभियान के दूसरे दिन ही प्रशासन चार जेसीबी और भारी संख्या में पुलिसबल के साथ पहुंचा। प्रशासन को सूचना थी कि यहां अतिक्रमण हटाए जाने पर विवाद हो सकता है। कुछ राजनीतिक दलों के लोग भी इस एरिया में अतिक्रमणकारियों के साथ हैं। 

ऐसे में प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर और डीएम कुमार रवि खुद पहुंच गए। आयुक्त ने पहले फुटपाथ पर बने दुकानों को हटाने का निर्देश दिया। उसके बाद पक्का मकान गिराने को कहा। इसपर कुछ लोगों ने आयुक्त को जानकारी दी कि दुकान बाजार समिति द्वारा आवंटित है। दुकानदारों ने आवंटन के कागजात भी दिखाये। फिलहाल पक्के दुकानों को नहीं हटाया गया लेकिन आयुक्त ने कहा कि कागजात सही नहीं होगा तो सोमवार को इस एरिया में फिर अतिक्रमण अभियान चलाकर पक्के मकान गिराये जाएंगे।

वकील को हिरासत में लिया
विकास भवन के पास बने बाजार समिति के मार्केट कॉम्प्लेक्स के पास अतिक्रमण हटाने के लिए जैसे ही अधिकारी पहुंचे। एक वकील ने प्रशासन द्वारा उच्च न्यायालय में दिये गये शपथ पत्र को दिखाने की बात कही। आयुक्त ने कहा कि कोर्ट की बात कोर्ट में होगी लेकिन यहां अतिक्रमण हटाने में बाधा न पहुंचाएं। इसपर वकील कागजात दिखाने को लेकर दबाव बनाने लगे। इधर आयुक्त वकील की बातों को नजरअंदाज कर अतिक्रमण टीम को निर्देश देने लगे। इसके बाद भी वकील दुकान को अतिक्रमित एरिया नहीं मानते हुए अपनी बात पर अड़े रहे। इस विषय पर बहस होने लगी। आयुक्त ने अतिक्रमण अभियान में बाधा पहुंचाने के आरोप में सचिवालय थाने की पुलिस को वकील को हिरासत में लेने का निर्देश दिया। पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।  

कोर्ट के स्टे पर दो जगहों पर नहीं टूटा भवन
रविवार को जगदेव पथ स्थित एक अपार्टमेंट के एक ब्लॉक को तोड़ा जाना था। नगर निगम के अधिकारी इस ब्लॉक को अवैध घोषित कर चुके थे लेकिन उच्च न्यायालय का स्टे आर्डर आने के बाद रविवार को अपार्टमेंट का भवन नहीं हटाया जा सका। वहीं, हड़ताल मोड़ के पास बने एक मार्केट कॉम्प्लेक्स को भी तोड़ा जाना था लेकिन इस भवन को भी तोड़ने पर उच्च न्यायालय द्वारा स्टे लगा दिया गया। जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभारी शैलेंद्र भारती ने बताया कि कोर्ट के स्टे के कारण दोनों जगहों पर भवन नहीं तोड़ा गया लेकिन प्रशासन भी कोर्ट में पक्ष रखेगा। 

हड़ताली मोड स्थित काली मंदिर की मूर्ति आर ब्लॉक के पास स्थापित की गई
हड़ताली मोड़ स्थित काली मंदिर की मूर्ति को शनिवार की देर रात आर ब्लॉक स्थित मंदिर में प्रतिस्थापित कर दी गई। शनिवार की रात कई लोग विरोध करने पहुंचे थे लेकिन पुलिसबलों ने उन्हें हटा दिया। पुजारी की सहमति के बाद मूर्ति को दूसरे मंदिर में स्थापित कर दिया गया। आयुक्त ने बताया कि मंदिर की मूर्ति को स्थापित करने के लिए पूजा अर्चना भी कराई गई। मंदिर के बगल में सरकारी आवास के परिसर को भी तीन फीट अंदर किया जाएगा। इससे बोरिंग कैनाल रोड की ओर से आने वाले वाहन बेली रोड की ओर निकल जाएंगे। 21 अगस्त तक सभी सिग्नल बंद कर दिए जाएंगे। 

वोल्टास मोड़ के पास दुकानदारों पर डेढ़ लाख जुर्माना
अतिक्रमण हटाने वाली टीम बेली रोड से गुजर रही थी। वोल्टास मोड़ के पास काफी संख्या में वाहन थे, जिसपर नगर निगम के अधिकारियों ने जुर्माना किया। वाहन और दुकानदारों द्वारा रखी गई सामग्री से करीब डेढ़ लाख जुर्माना लिया गया। इसके अलावा एग्जीबिशन रोड, कंकड़बाग, बेली रोड, गांधी मैदान में भी वाहनों से जुर्माना लिया गया। 

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  • Web Title:Bulldozer on illegal construction in Patna