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अब बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी, तय समय में प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया तो देना होगा आर्थिक दंड

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Sun, 01 Aug 2021 03:17 PM
अब बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी, तय समय में प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया तो देना होगा आर्थिक दंड

तय समयसीमा में अपना प्रोजेक्ट पूरा ना करने वाले बिल्डरों को अब आर्थिक दंड झेलना होगा। रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने एक्सटेंशन के लिए आवेदन करने वाले बिल्डरों से अधिक फीस वसूलने का फैसला किया है। रेरा का यह आदेश एक अगस्त से प्रभावी होगा। अभी तक प्रोजेक्ट के रेरा में निबंधन के वक्त लगने वाले शुल्क का आधा ही एक्सटेंशन के समय लगता है। मगर अब न्यूनतम एक लाख रुपए अदा करना ही होगा।

बिल्डरों की मनमानी रोकने के लिए रेरा लगातार शिकंजा कस रहा है। रेरा ने तय समय पर अपना प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने वाले प्रमोटरों-बिल्डरों पर अतिरिक्त चार्ज लगाने का आदेश जारी किया है। रीयल एस्टेट क्षेत्र के ग्राहकों के हित में लिया गया यह फैसला 01 अगस्त 2021 से लागू हो जाएगा। रेरा ने ग्राहकों के हित में निर्णय लिया है। 

रेरा ने कहा है कि समीक्षा के क्रम में यह पाया गया है कि कई ऐसे प्रमोटर हैं जो तय समय सीमा में अपना प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में रेरा ने निर्णय लिया है कि वैसे बिल्डर जिनका प्रोजेक्ट समय सीमा के अंदर पूरा नहीं होता है और वे एक्सटेंशन की मांग करते हैं तो उनसे अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

फीस की राशि कम से कम एक लाख रुपए होगी

रेरा किसी भी प्रोजेक्ट की वैधता अवधि के हिसाब से एक निश्चित अवधि के लिए किसी प्रोजेक्ट का निबंधन करता है। तय समय में प्रोजेक्ट के पूरा ना होने की स्थिति में उसे एक साल तक का एक्सटेंशन दिया जाता है। एक्सटेंशन के दौरान निबंधित करते समय लिए गए शुल्क का आधा लिया जाता था। अब इस अतिरिक्त शुल्क सहित कुल फीस की राशि कम से कम एक लाख रुपए होगी, फिर चाहे उसका शुल्क 40 या 50 हजार क्यों ना बनता हो।

 

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