ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारबीपीएससी शिक्षक पेपर लीक में बड़ा खुलासा जल्द, कई सवालों के जवाब खोज रही ईओयू

बीपीएससी शिक्षक पेपर लीक में बड़ा खुलासा जल्द, कई सवालों के जवाब खोज रही ईओयू

बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 3 के पेपर लीक की जांच बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) कर रही है। प्रश्न पत्र लीक करने वालों को पेपर ढोने वाली कंपनी और रूट का कैसे पता चला, यह अब भी सवाल है।

बीपीएससी शिक्षक पेपर लीक में बड़ा खुलासा जल्द, कई सवालों के जवाब खोज रही ईओयू
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाSat, 11 May 2024 09:22 PM
ऐप पर पढ़ें

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित तीसरे चरण की शिक्षक बहाली परीक्षा (BPSC TRE 3.0) में आर्थिक अपराध इकाई जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है। ईओयू ने प्रश्न-पत्र लीक के सरगना का खुलासा कर दिया है। सरगना डॉ. शिव समेत अन्य मुख्य आरोपी पहले से गिरफ्तार हैं। मगर पेपर लीक मामले में अभी कई और बड़े खुलासे होने बाकी हैं। ईओयू की जांच में ऐसे कई खुलासे आने वाले दिनों में हो सकते हैं।  

अब तक की जांच में कूरियर कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत से रास्ते में ही पेपर ढोने वाले वाहन को रोक कर प्रश्नपत्र को स्कैन कर लीक करने की बात सामने आई है। दो नामचीन कूरियर कंपनी जेनिथ और डीटीडीसी के कर्मी भी इसमें पकड़े गए हैं। परंतु अब भी इस मामले में एक बड़ा खुलासा होना बाकी है। 

सरगना या सेटरों को यह सूचना कैसे मिली कि पेपर को ढोने का जिम्मा किस कूरियर कंपनी को दिया गया। साथ ही इन गाड़ियों के गुजरने का रूट और समय उन्हें कैसे पता चला? इनके संचालन की जिम्मेदारी किन कर्मियों के पास थी और इन्होंने कूरियर कंपनी के संबंधित व्यक्ति से कैसे साठगांठ बैठाकर इसे लीक किया, जैसी बेहद अहम जानकारियों का खुलासा जल्द ही हो सकता है। तमाम पहलुओं पर अभी ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) जांच में जुटी हुई है। इसे लेकर गिरफ्तार सरगना और कूरियर कंपनियों के कर्मियों से पूछताछ चल रही है।

BPSC शिक्षक पेपर लीक में उज्जैन से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड; कई राज्यों में फैला नेटवर्क

प्रश्न पत्र से जुड़ी ये बातें बेहद गोपनीय होती हैं, जिनकी जानकारी परीक्षा संचालन कराने वाले आयोग के पास ही मुख्य रूप से होती है। इतनी गोपनीय जानकारी सेटरों को कैसे मिल गई? इस मामले में आयोग के पदाधिकारियों तथा कर्मियों की संलिप्तता की जांच अलग से की जा रही है। इसकी तह में जाने के बाद ही सही मायने में पेपर लीक से जुड़े पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो पाएगा। 

बीपीएससी के अलावा कूरियर कंपनी की कई गोपनीय जानकारियां आरोपियों के पास से मिली हैं। इनके पास से बरामद एक पेन-ड्राइव में ये सभी जानकारियां एकत्र थीं। इसमें प्रश्न-पत्र जैसे बेहद संवेदनशील चीज को लेकर जा रही गाड़ी का परिचालन समय, रूट चार्ट, रखरखाव, कर्मियों का विवरण समेत अन्य अहम सूचनाएं शामिल हैं। 

शिक्षकों और कर्मियों की सैलरी का इंतजार बढ़ा, अब कहां अटक गया रोड़ा?

सिपाही भर्ती परीक्षा का मॉडस ऑपरेंडी भी यही
ईओयू बीपीएससी शिक्षक परीक्षा के पेपर लीक के अतिरिक्त सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच भी कर रही है। दोनों पेपर लीक मामलों में कहीं न कहीं कूरियर कंपनी से तार जुड़ रहे हैं। इसमें कूरियर कंपनी डीपी वर्ल्ड को ट्रांसपोर्टेशन का ठेका मिला था। इनकी मॉडस ऑपरेंडी काफी मिल रही है। सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रिंटिंग प्रेस कर्मियों की संलिप्तता भी काफी हद तक सामने आई है।

हालांकि दोनों मामलों में यह यक्ष प्रश्न बरकरार है कि प्रश्न-पत्र ढोने वाली कूरियर कंपनी और इनकी छपाई करने वाले प्रिंटिंग प्रेस के बारे में सेटरों तक सूचनाएं कैसे पहुंच गईं। इस मामले में ईओयू के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही दोनों मामलों में इसका खुलासा हो जाएगा।