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BPSC Paper Leak कांड में EOU की बड़ी कार्रवाई, गया से शक्ति कुमार गिरफ्तार; पेपर स्कैन कर whatsapp पर भेजा था

बीपीएससी पेपर लीक मामले में ईओयू की एसआईटी टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। गया से आरोपी शक्ति कुमार गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि शक्ति कुमार गया के राम शरण सिंह इविनिंग कॉलेज का केंद्राधीक्षक था।

BPSC Paper Leak कांड में EOU की बड़ी कार्रवाई, गया से शक्ति कुमार गिरफ्तार; पेपर स्कैन कर whatsapp पर भेजा था
Malay Ojhaपटना हिन्दुस्तानFri, 24 Jun 2022 05:35 PM

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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) प्रश्नपत्र (पेपर) लीक की कड़ी को एसएसआईटी ने सुलझा लिया है। गया के डेल्हा स्थित राम शरण सिंह इविनिंग कॉलेज के सेंटर से प्रश्न पत्र न सिर्फ लीक हुआ, बल्कि उसके केन्द्राधीक्षक शक्ति कुमार ने ही उसे स्कैन कर सबसे पहले कपिलदेव नाम के शख्स को भेजा था। एसआईटी ने वहां के प्राचार्य सह केन्द्राधीक्षक शक्ति कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

ईओयू के मुताबिक शक्ति कुमार ने स्वीकार किया है उसने डॉक स्कैनर मोबाइल एप से बीपीएससी के प्रश्नपत्र के ‘सी’ सेट का स्कैन कर कपिलदेव को वाट्सएप पर भेजा था। फरार चल रहा कपिलदेव भारत सरकार के सीडीए में कर्मचारी है। शक्ति कुमार द्वारा भेजे गए प्रश्नपत्र को उसी ने प्रवीण को भेजा था। प्रवीण के जरिए प्रश्न पत्र महेश और एनआईटी के पूर्व छात्र पिंटू यादव से होते हुए पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों के मोबाइल पर पहुंचा। कॉलेज में हुई छापेमारी के दौरान दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। 

शक्ति कुमार को सवा दस बजे तक मिल गया था प्रश्नपत्र

एसआईटी की गिरफ्त में आया अप्राथमिकी अभियुक्त शक्ति कुमार को सवा दस बजे तक बीपीएससी पीटी का प्रश्न पत्र मिल गया था। एसआईटी के मुताबिक परीक्षा के दिन उसके सेंटर पर प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद उसने ‘सी’ को 10.24 मिनट तक स्कैन कर भेज दिया। पूछताछ के दौरान शक्ति कुमार ने इन बातों को स्वीकार किया है। अब तक की तकनीकी जांच में जो बातें सामने आई है उससे भी इसकी पुष्टि होती है।

कॉलेज की सबद्धता समाप्त कर दी गई थी

पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि वर्ष 2010 में डेल्हा के एक किराए के मकान में रामशरण सिंह इविनिंग कॉलेज शुरू किया गया। शाक्ति कुमार खुद इस कॉलेज का प्राचार्य है। साल 2011 में ही कॉलेज को संबद्धता मिल गई पर सात साल बाद 2018 में इसे समाप्त कर दिया गया। बावजूद चार वर्षों से इस कॉलेज में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के सेंटर होता था। मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के केन्द्र के तौर पर भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

अभी जांच के दायरे में आएंगे कई और

पेपर लीक कहां से हुआ और उसे किसने लीक किया, इस कड़ी को सुलझाने के बाद भी एसआईटी की जांच जारी रहेगी। पेपर लीक और इसे वायरल करने में शामिल शातिरों को गिरफ्तार करने के साथ उन अभ्यर्थियों की तलाश में जुटी है जिनके पास प्रश्नपत्र पहुंचा। प्रश्नपत्र का सौदा किसके जरिए और कितने में किया गया इसकी जांच अभी जारी रहेगी। माना जा रहा है कि पेपर वायरल करने में शामिल कपिलदेव और पिंटू यादव की गिरफ्तारी से कई अहम जानकारियां हाथ लगेंगी। 

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