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ब्वायफ्रेंड की रेलवे में लगी नौकरी तो कई बार घर से भागी छात्रा, परिवार वाले नहीं माने तो पुलिस वालों ने कराई शादी

डेहरी (रोहतास)। हिन्दुस्तान टीमPublished By: Dinesh Rathour
Fri, 23 Jul 2021 11:19 PM
ब्वायफ्रेंड की रेलवे में लगी नौकरी तो कई बार घर से भागी छात्रा, परिवार वाले नहीं माने तो पुलिस वालों ने कराई शादी

बिहार के रोहतास से प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक युवक से छात्रा को प्यार हो गया। इस दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें भी खाईं। युवक नौकरी करता था और छात्रा स्कूल में पढ़ाई। इस बीच युवक की रेलवे में नौकरी लग गई और वह मध्यप्रदेश चला गया। युवक के पीछे-पीछे छात्रा भी घर से भाग गई। मध्यप्रदेश में छात्रा प्रेमी के साथ किराए पर रहने लगी थी। प्रेमी भी छात्रा को पत्नी बनाकर अपने साथ रखने लगा। इसकी जानकारी जब लड़के के घर वालों को तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और दोनों को अलग-अलग कर दिया। इसके बीच कई बार छात्रा घर से भागकर प्रेमी के पास जाकर रही। छात्रा ने प्रेमी संग रहने के लिए पुलिस की मदद मांगी। पुलिस ने हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रेमी युगल की जिद के बीच महिला थाना परिसर में पूरे विधि-विधान से दोनों की शादी करा दी। इस शादी में लड़का और लड़की पक्ष से माता-पिता के नहीं पहुंचने के कारण लड़की पक्ष की ओर से महिला थाना के पुलिस कर्मियों ने अपनी भूमिका निभाई। 

मामला रोहतास जिले का है। दरिहट थाना क्षेत्र के पडुहार निवासी हरिद्वार चौधरी की पुत्री प्रियंका कुमारी ने महिला थाना में 2 दिन पूर्व एक आवेदन दिया था। जिसमें उसने लिखा था कि वह 21 वर्षीय इंटर की छात्रा है। और जब टंडवा हाईस्कूल में पढ़ती थी, तो उसी दौरान टंडवा गांव निवासी विश्वनाथ चौधरी के पुत्र अभयकांत से उसे प्रेम हो गया। अभयकांत मध्य प्रदेश में नौकरी करते थे। जहां वह मुझे करीब 4 माह तक अपने साथ रखें और 30 जून को अभयकांत ने कटनी में ही अपने कमरे में सिंदूर देकर पत्नी के रूप में रखने लगे। जिसकी जानकारी अभयकांत के परिजनों को मिल गई तब अभय कांत के परिजनों ने हम दोनों को अलग कर दिया। इसके बाद 2 जुलाई को अभयकांत डेहरी पहुंचकर मुझे किराया पर रखने लगे, और मैं पढ़ाई करने लगी। अभयकांत पुनः कटनी चले गए और फोन पर बताया कि माता-पिता व परिजनों के दबाव के आगे शादी नहीं कर सकते हैं। क्योंकि माता-पिता का कहना है कि रेलवे में तुम्हारी नौकरी होने के कारण दहेज में मोटी रकम के साथ अच्छी लड़की भी मिल जाएगी। 

महिला थानाध्यक्ष ने निभाई लड़की की मां की भूमिका

प्रियंका कुमारी के आवेदन के बाद महिला थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने अभयकांत को फोन कर महिला थाना बुलाया। शुक्रवार की सुबह महिला थाना पहुंचने के बाद अभयकांत ने कहा कि वह खुद भी प्रियंका कुमारी से शादी करना चाहते हैं। फिर क्या था महिला थानाध्यक्ष के द्वारा बारह पत्थर निवासी मुन्ना पंडित को बुलाया गया और थाने में ही प्रियंका और अभय कांत दूल्हा दुल्हन के रूप में तैयार हुए हैं। और पूरी रस्म अदायगी के साथ महिला थाना परिसर में प्रेमी युगल की शादी कराई गई। इस दौरान महिला थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी लड़की की माता की भूमिका में नजर आई। क्योंकि लड़की की माता का निधन चार वर्ष पूर्व ही हो चुका था। हालांकि इस शादी में लड़का और लड़की की तरफ से केवल दोनों का भाई व इक्के दुक्के दोस्त मित्र पहुंचा था। 

भाई पर नजर पड़ी तो जाेर-जोर से रोने लगी बहन

महिला थाना के पुलिस कर्मी घराती की भूमिका में थे। शादी के दौरान एक वाक्य ऐसा भी आया जब कुछ पल के लिए अफरा-तफरी मच गया। क्योंकि शादी शुरू होते ही अपनों का इंतजार कर रही प्रियंका को महिला थाना के कोने में दुबके हुए उसके अपने भाई पर नजर पड़ गई और वह जोर से रोने लगी। बहन को रोते देख भाई भी करीब पहुंचा और फिर क्या कुछ देर के लिए दोनों भाई बहन एक दूसरे को पकड़कर जोर जोर से रोने लगे। पुलिसकर्मियों ने भाई बहन को चुप कराया शादी की रस्म पूरी कराई। महिला थानाध्यक्ष ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों राजि थे। दोनों बालिग भी थे, इसलिए दोनों के परिजनों की नाराजगी के बावजूद थाने में प्रेमी युगल की शादी करा दी गई।

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